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Chandigarh News: डॉक्टर के साथ धक्कामुक्की, हंगामा में मरीज के परिजन पर एफआईआर दर्ज

Wed, 09 Oct 2024 05:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 05:02 AM IST
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FIR lodged against patient's family due to scuffle and uproar with doctor
चंडीगढ़। पीजीआई की इमरजेंसी में सोमवार रात डॉक्टर के साथ धक्कामुक्की व हंगामे के मामले में मरीज के परिजन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी तीमारदार महिला के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व झगड़ा करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरोंं की फुटेज निकलवा रही है ताकि घटना के बारे में सच्चाई सामने आ सके। पीजीआई प्रशासन के अनुसार इमरजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि इस तरह की घटना होने से रोका जा सके। वहीं, इमरजेंसी में मरीजों व परिजनों की मदद के लिए सोशल वर्कर और अन्य सहयोगी सहायक कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
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पीजीआई प्रवक्ता प्रो. विपिन कौशल का कहना है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रख इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में जगह-जगह पर नोटिस लगा दिए गए हैं। इसमें बताया गया है कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, इमरजेंसी में 4 घंटे तक मरीजों को भर्ती न किए जाने पर पीजीआई प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि किसी भी तरह से इलाज बाधित नहीं हुआ था जबकि वस्तु स्थिति कुछ और ही थी कि चार घंटे तक मरीज इलाज के इंतजार में इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर पड़े तड़प रहे थे।
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रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिहरन का कहना है कि अस्पताल में बढ़ती हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा। क्योंकि जब तक डॉक्टर कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं होंगे वह मरीज को न तो बेहतर इलाज दे पाएंगे न उनके साथ अच्छा व्यवहार कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में इतनी भीड़ है कि वहां डॉक्टर के लिए खड़े होना मुश्किल है। ऐसे में अन्य अस्पतालों से सामान्य मरीजों को भी पीजीआई में रेफर किया जा रहा है। इससे दिनों दिन स्थिति खराब हो रही है। इमरजेंसी में मानक से कई गुना ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा है। इससे डॉक्टर का तनाव भी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात हंगामा होने के बाद उन्होंने पीजीआई निदेशक को लिखित सूचना दे दी थी कि वह नए मरीज नहीं देखेंगे, जबकि डेढ़ घंटे पहले उन्होंने नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया था। इससे इमरजेंसी में भर्ती मरीज और परिजनों में अब भी काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि डॉक्टर अपने हिसाब से सब कुछ तय कर रहे हैं। यहां मरीजों और उनके परिजनों की कोई सुनवाई नहीं है।
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मरीज का इलाज जारी, कानूनी प्रक्रिया तेज
पीजीआई प्रशासन के अनुसार जिस मरीज के परिजन ने डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया था उसके मरीज का इलाज पहले की तरह जारी है। वहीं, मामले पर संस्थागत एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि सोमवार रात को एक महिला सीनियर रेजिडेंट के साथ एक मरीज की ओर से मारपीट किए जाने के बाद पीजीआई का आपातकालीन कार्य 4 घंटे से अधिक समय तक ठप रहा। हालांकि, एआरडी ने दावा किया कि उन्होंने मरीजों को प्राथमिकता दी और केवल स्थिर मरीजों को नहीं देखा, जबकि ऑक्सीजन सपोर्ट आदि पर रहने वालों को भर्ती किया गया। साथ ही, जो पहले से भर्ती थे, उनका इलाज किया जा रहा था।
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