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Chandigarh News: लैंडमार्क अस्पताल के संचालक सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज
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चंडीगढ़। सेक्टर-33 स्थित लैंडमार्क अस्पताल की ओर से इलाज में लापरवाही से बुजुर्ग महिला की जीएमसीएच-32 में मौत का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य सचिव को दी शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए गठित बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. परमिंद्र सिंह व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित पक्ष अब अस्पताल का लाइसेंस रद्द करवाने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।
पुलिस को दी गई शिकायत में सुखविंद्र पाल सिंह सोढी ने बताया कि उनकी मां 16 मार्च 2024 को गिर गई थीं। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-33 स्थित लैंडमार्क अस्पताल में ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मां की टांग में फीमर फ्रैक्चर है जिसके लिए ऑपरेशन जरूरी है। डाॅ. हरसिमरन सिंह ने उनकी मां की सर्जरी कर फ्रैक्चर वाली जगह इंप्लाट डाल दिया और 18 मार्च को छुट्टी दे दी। 4 अप्रैल की सुबह पीड़िता को एक के बाद एक कई तीव्र दौरे पड़े और हालत बिगड़ने पर जीएमसीएच-32 में आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और ईईजी सहित अन्य टेस्ट भी किए लेकिन दौरे पड़ने का कारण पता नहीं चल सका।
शिकायतकर्ता सोढी ने लैंडमार्क अस्पताल के डॉ. हरसिमरन को फोन किया और एमआरआई करवाने के लिए इंप्लाट संबंधित क्लीयरेंस देने के लिए कहा। लेकिन डाॅक्टर ने उसे अपने अस्पताल में बुला लिया और वहां पहुंचने पर उसे लिखित में कोई भी क्लीयरेंस देने से इन्कार कर दिया। शिकायतकर्ता सोढी ने बताया कि डॉ. हरसिमरन और उनके पिता डॉ. परमिंद्र की लापरवाही के कारण उसकी मां की जीएमसीएच-32 में एमआरआई नहीं हो सकी क्योंकि लैंडमार्क अस्पताल संचालकों ने मंजूरी नहीं दी थी। इस कारण 16 अप्रैल को उनकी मां की मौत हो गई।
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पुलिस को दी गई शिकायत में सुखविंद्र पाल सिंह सोढी ने बताया कि उनकी मां 16 मार्च 2024 को गिर गई थीं। उन्हें इलाज के लिए सेक्टर-33 स्थित लैंडमार्क अस्पताल में ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मां की टांग में फीमर फ्रैक्चर है जिसके लिए ऑपरेशन जरूरी है। डाॅ. हरसिमरन सिंह ने उनकी मां की सर्जरी कर फ्रैक्चर वाली जगह इंप्लाट डाल दिया और 18 मार्च को छुट्टी दे दी। 4 अप्रैल की सुबह पीड़िता को एक के बाद एक कई तीव्र दौरे पड़े और हालत बिगड़ने पर जीएमसीएच-32 में आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और ईईजी सहित अन्य टेस्ट भी किए लेकिन दौरे पड़ने का कारण पता नहीं चल सका।
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शिकायतकर्ता सोढी ने लैंडमार्क अस्पताल के डॉ. हरसिमरन को फोन किया और एमआरआई करवाने के लिए इंप्लाट संबंधित क्लीयरेंस देने के लिए कहा। लेकिन डाॅक्टर ने उसे अपने अस्पताल में बुला लिया और वहां पहुंचने पर उसे लिखित में कोई भी क्लीयरेंस देने से इन्कार कर दिया। शिकायतकर्ता सोढी ने बताया कि डॉ. हरसिमरन और उनके पिता डॉ. परमिंद्र की लापरवाही के कारण उसकी मां की जीएमसीएच-32 में एमआरआई नहीं हो सकी क्योंकि लैंडमार्क अस्पताल संचालकों ने मंजूरी नहीं दी थी। इस कारण 16 अप्रैल को उनकी मां की मौत हो गई।
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