{"_id":"6945be1cf9cdfff12c0b29a0","slug":"fir-against-pgi-administration-under-esma-demanded-chandigarh-news-c-16-pkl1049-900965-2025-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीजीआई प्रशासन पर एस्मा के तहत एफआईआर की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीजीआई प्रशासन पर एस्मा के तहत एफआईआर की मांग
विज्ञापन
चंडीगढ। पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियनों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने पीजीआई प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एस्मा के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। कमेटी ने गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पीजीआई प्रबंधन ने हरियाणा आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम 1974 का उल्लंघन किया है।
कमेटी के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि यूटी के एडिशनल सेक्रेटरी होम को लिखे एक लेटर में पीजीआई मैनेजमेंट के खिलाफ हरियाणा एस्मा एक्ट, 1974 की धारा 6 (2) के तहत कार्रवाई करने की रिक्वेस्ट की है क्योंकि पीजीआई लगभग 90 करोड़ रुपये की सैलरी रोक रहा है और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भड़का रहा है। पत्र में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय वेतन का भुगतान नहीं किया गया और 80 से 90 करोड़ रुपये तक के वेतन बकाया रोके गए हैं। कमेटी का आरोप है कि प्रबंधन की मनमानी और उदासीन रवैये के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कमेटी ने बताया कि 27 नवंबर से 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की गई थी। मांगें न माने जाने पर 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल गई। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
कमेटी के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि यूटी के एडिशनल सेक्रेटरी होम को लिखे एक लेटर में पीजीआई मैनेजमेंट के खिलाफ हरियाणा एस्मा एक्ट, 1974 की धारा 6 (2) के तहत कार्रवाई करने की रिक्वेस्ट की है क्योंकि पीजीआई लगभग 90 करोड़ रुपये की सैलरी रोक रहा है और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भड़का रहा है। पत्र में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सरकार द्वारा तय वेतन का भुगतान नहीं किया गया और 80 से 90 करोड़ रुपये तक के वेतन बकाया रोके गए हैं। कमेटी का आरोप है कि प्रबंधन की मनमानी और उदासीन रवैये के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कमेटी ने बताया कि 27 नवंबर से 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की गई थी। मांगें न माने जाने पर 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल गई। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन