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पेशी से काट रहा था कन्नी, देश में पहली बार कोर्ट ने व्हाट्सएप से भेजे समन

Sun, 09 Apr 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 09 Apr 2017 09:09 AM IST
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Financial commissioner sends summons via WhatsApp
कोर्ट ने व्हाट्सएप से भेजे समन - फोटो : Demo Pic
व्हाट्सएप अब यह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने सरकारी महकमा को भी इससे अछूता नहीं रखा है, यहां पर पहली बार व्हाट्सएप से समन भेजने के आदेश जारी हुए है। आप सभी को याद होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक कार्यक्रम में अदालती कार्यवाही में तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की बात कही थी। अब हरियाणा में उनकी बातों पर अमल होता दिख रहा है।
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दरअसल, हरियाणा की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक मामले में आरोपी को व्हाट्सएप पर समन जारी करने का आदेश सुनाया है। ये केस संपत्ति के विभाजन का है। आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि आज का युग आधुनिक युग है और व्हाटसएप नंबर या ईमेल आईडी भी व्यक्ति के पक्के पते के तौर पर माने जाने चाहिएं। अदालत ने ये फैसला बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद तामील न होने पर केसों के फैसलों में हो देरी और केस लंबे खिंचने के मद्देनजर सुनाया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के नेतृत्व वाली अदालत ने यह आदेश दिया है। 
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मैसेज डिलीवरी का प्रिंट आउट बनेगा प्रूफ

Financial commissioner sends summons via WhatsApp
देश में वॉट्सऐप के जरिए समन भेजे का जाने का यह पहला मामला होगा। खेमका ने रेवेन्यू लॉ से संबंधित एक विवाद में हिसार के अनुरंग शाहपुर गांव के तीन भाइयों के मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।

सतबीर सिंह का भाई रामदयाल और कृष्ण कुमार के साथ गांव में पारिवारिक संपत्ति में बंटवारे को लेकर विवाद है। फाइनैंशल कमिश्नर की अदालत ने जब इस मामले में दोनों भाई से जवाब मांगा, तो रामदयाल को तो समन मिल गया लेकिन कृष्ण के काठमांडू में शिफ्ट हो जाने के कारण उसे समन नहीं मिला। स्थायीय रेवेन्यू अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसने कृष्ण से फोन पर बात की लेकिन उसने काठमांडू का अपना पता देने से इनकार कर दिया।

मैसेज डिलीवरी का प्रिंट आउट बनेगा प्रूफ
खेमका ने गुरुवार को जारी अपने आदेश में कहा, ‘मौजूदा समय में किसी व्यक्ति का ई-मेल अड्रेस या मोबाइल नंबर भी पता ही है.’ कोर्ट ने आदेश दिया कि कोर्ट की सील के साथ समन की तस्वीर कृष्ण को उसके नंबर पर भेजा जाए और वॉट्सऐप पर की डिलिवरी रिपोर्ट के प्रिंटआउट को डिलिवरी प्रूफ के तौर पर माना जाएगा।
 
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