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महिलाओं को मुफ्त सफर कराने से बढ़ा बोझ: पांच माह से पीआरटीसी को नहीं हुआ भुगतान, बकाया पहुंचा 90 करोड़

Mon, 28 Mar 2022 11:46 AM IST
ajay kumar रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 28 Mar 2022 11:46 AM IST
सार

पीआरटीसी अधिकारियों के मुताबिक हर महीने महिलाओं के सफर पर करीब 20 करोड़ का खर्च आता है। इसके हिसाब से नवंबर से लेकर मार्च तक सरकार की तरफ 100 करोड़ का भुगतान बकाया होना चाहिए था।

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Financial burden on PRTC increased by providing free travel facility to women
पीआरटीसी - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब की आप सरकार ने पूर्व कैप्टन सरकार की तर्ज पर सरकारी बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर की सुविधा जारी रखने का एलान किया है। दूसरी तरफ अभी पीआरटीसी को पांच माह से राशि का भुगतान नहीं हुआ है। पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की यह रकम 90 करोड़ तक पहुंच गई है।

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पीआरटीसी की एमडी परनीत शेरगिल का कहना है कि इस संबंध में सरकार को लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द भुगतान हो जाएगा। पंजाब की पूर्व कैप्टन सरकार ने एक अप्रैल 2021 से सरकारी बसों में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए सफर मुफ्त कर दिया था।
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विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब पंजाब में भगवंत मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। इस सरकार ने आते ही एलान कर दिया कि महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त सफर सुविधा जारी रहेगी। इसके विपरीत पीआरटीसी के लिए फिलहाल समस्या जस की तस बनी हुई है। पीआरटीसी को नवंबर महीने से मुफ्त बस सफर करवाने के एवज में मिलने वाली राशि में से एक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। 
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हर माह महिलाओं के सफर पर खर्च होते हैं करीब 20 करोड़ रुपये
पीआरटीसी अधिकारियों के मुताबिक हर महीने महिलाओं के सफर पर करीब 20 करोड़ का खर्च आता है। इसके हिसाब से नवंबर से लेकर मार्च तक सरकार की तरफ 100 करोड़ का भुगतान बकाया होना चाहिए था। परंतु चुनाव से पहले अपनी मांगें मनवाने के लिए पीआरटीसी के 2700 के करीब ठेका मुलाजिम हड़ताल पर चले गए थे। इस कारण कई दिन तक बड़ी संख्या बसें डिपुओं में खड़ी रही थीं। इसके चलते नवंबर व दिसंबर महीने में यह भुगतान कम रहने के कारण अब सरकार की तरफ 90 करोड़ लंबित हैं।

खर्च पूरा करना हो रहा मुश्किल
महिलाओं के मुफ्त बस सफर का भुगतान समय से न होने कारण पीआरटीसी के लिए खर्चे पूरे करना मुश्किल हो रहा है। एक तरफ डीजल महंगा होने से प्रतिदिन का ढाई लाख का खर्च बढ़ गया है। पहले जहां बसों में 71 लाख का डीजल पड़ता था, वहां अब साढ़े 73 लाख का पड़ रहा है। छठा वेतन आयोग लागू होने से मुलाजिमों का वेतन व पेंशनों का खर्च 20 करोड़ से बढ़कर 25 करोड़ हो गया है।

पेंशनों के लिए जो प्रति माह 4.83 करोड़ की ग्रांट मिलती है, उसे बढ़ाकर आठ करोड़ करने की मांग पंजाब सरकार से की जाएगी। इस संबंध में जल्द अधिकारियों से बैठक की जाएगी। ग्रांट बढ़ने से पीआरटीसी की आर्थिक परेशानियां काफी हद तक हल हो सकती हैं। - परनीत शेरगिल, एमडी पीआरटीसी

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