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आम बजट 29 फरवरी को, गृहणियों की उम्मीदें और सुझाव

Sat, 27 Feb 2016 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 27 Feb 2016 12:43 PM IST
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finance minister arun kaitely union budget on 29 feb

वित्तमंत्री अरुण जेटली 29 फरवरी को आम बजट पेश करेंगे। गृहणियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं, इसलिए उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर जिन वर्ग पर पड़ता है उनमें गृहणियां शामिल हैं। गृहणियों के लिए घर के खर्चें में कटौती कर परिवार को चलाना सबसे अहम होता है। इस मुद्दे पर अमर उजाला ने शहर की कुछ कामकाजी और घरेलू महिलाओं से बातचीत की और बजट को लेकर उनकी राय जानी।

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बजट में सरकार को रसोई गैस के अलावा खाने-पीने की चीजों के दाम कम करने चाहिए। साथ ही महंगाई को कम करने पर जोर देना चाहिए। इसके अलावा मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए बजट लाना चाहिए न कि अमीरों को ध्यान में रखकर।
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- शशि खुराना, निवासी सेक्टर-46

पिछले साल दाल, सब्जियों के दामों ने रसोई का बजट ही बिगाड़ दिया था। साथ ही बच्चों की हर साल बेतहाशा बढ़ने वाली स्कूल फीस के अलावा अन्य खर्चों से पूरा महीना सैलरी से काटना मुश्किल हो जाता है। सरकार को चाहिए कि निजी स्कूलों और घरेलू और रोजमर्रा की चीजों के दामों पर नियंत्रण के लिए कोई अथॉरिटी बनाई जाए। जो इन पर नियंत्रण रख सके।  
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- नीता, निवासी सेक्टर-23बी  

आजकल की महंगाई में लोग होटल या रेस्त्रां में खाना तो दूर घर पर भी नियंत्रित खाना खाने को मजबूर हैं। सब्जियों और दालों के अलावा रसोई से जुड़े अन्य सामान की कीमतें हर सप्ताह बढ़ जाती हैं। यह सब देखने वाला कोई नहीं है। सरकार को बजट में ऐसी कोई प्रणाली बनाने की घोषणा करनी चाहिए जो लगातार बढ़ते दामों पर कंट्रोल रख सके।  
- हरप्रीत कौर, निवासी सेक्टर-43  

सरकार का घरेलू चीजों के दामों पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसका फायदा व्यापारी वर्ग उठाते हैं और जनता से मनमाफिक दाम वसूलते हैं। कुछ साल पहले तक 10-20 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाली सब्जियों के दाम आज सौ रुपये तक पहुंच जाते हैं। इससे घर का पूरा बजट गड़बड़ा जाता है।
- मुक्ता यादव, निवासी सेक्टर-23बी

बजट में सरकार को सस्ती शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस करना चाहिए। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, इसके लिए कोई नई योजना बनाई जानी चाहिए। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुरक्षा के बंदोबस्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए।
- मोनिका रत्तन, निवासी खरड़

सरकार को सबसे पहले जीएसटी लागू करने के प्रयास करने चाहिए। इससे जहां पूरे देशभर में समान टैक्स लागू होगा, तभी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। कोई भी अपनी मनमर्जी से दाम नहीं वसूल कर पाएगा। चीजों के दामों पर नियंत्रण रखने के भी प्रयास होने चाहिए।
- स्वतंत्र लता यादव, निवासी सेक्टर-22

महिलाओं को आयकर की छूट सीमा पुरुषों के मुकाबले एक लाख अधिक मिलनी चाहिए। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। आयकर की छूट सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जानी चाहिए।

- शिखा निझावन, टीचर, निवासी सेक्टर-27 डी

सर्विस टैक्स बिल्कुल भी नहीं बढ़ना चाहिए विशेष तौर पर होटल और क्लबों में खाने पीने की वस्तुओं पर टैक्स और वैट नहीं होना चाहिए। इस समय सर्विस टैक्स 14 प्रतिशत है, जो कि बहुत ज्यादा है।
-सुभाष शर्मा, प्रॉपर्टी डीलर

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