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20 साल बाद ये कलाकार चेंज कर देते हैं प्रोफेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 May 2014 02:56 PM IST
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मेरी यह फिलॉसफी रही है कि बीस साल से ज्यादा कोई भी काम नहीं करना। इसलिए मैं हर बीस साल बाद अपना प्रोफेशन बदल लेता हूं। यह कहना है इंडिपेंडेंट फिल्म मेकर पंकज बुटालिया का। पंक ज शनिवार शाम अपनी फिल्म मनीआर और कारवां को प्रदर्शित करने पहुंचे।
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उन्होंने बताया 20 साल तक टेबल टेनिस का खिलाड़ी रहा। इसके बाद उनका रुख पढ़ाई की ओर हुआ। वह दिल्ली युनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर भी रह चुकेहैं। वहां उन्होंने एक ग्रुप बनाया, जिसमें वह देशभर के प्रमुख फिल्म मेकर को बुलाते हैं। जहां उनकी फिल्म प्रदर्शित की जाती हैं।
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मनीआर में औरतों की हिंसा को दर्शाया
बुटालिया ने बताया उनकी फिल्म मनीआर में मणीपुर में औरतों पर हो रहे अत्याचार को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि साल 2004 में मणीपुर में कुछ औरतों ने औरतों के विरुद्ध होने वाली हिंसा के लिए प्रोटेस्ट किया था।
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इसके बाद वह ज्यादा जानकारी बटोरने के लिए मणीपुर गए और वहां के लोगों की समस्या को अपनी डॉक्यूमेंट्री में पेश किया। इसमें उन्होंने 13 साल से प्रोटेस्ट कर रही इरोम शर्मिला को भी शूट किया है। साथ ही उनके साथ हुई बात भी फिल्म में दिखाइ गई है।
वहीं, कारवां के बारे में उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बटवारे के बाद हुई दुखद स्थितियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक औरत की कहानी दर्शायी गई हो जो भारत और पाकिस्तान के बीच में पिस कर रह जाती है। फिल्म फिक्शन है जिसे उस औरत की बेटी के नजरिए से दर्शाया गया है।
नसीरुद्दीन बेहतरीन अभिनेता
पंकज की फिल्म कारवां में नसीरुद्दीन ने भी काम किया है। उनके बारे बुटारिया ने बताया नसीरुद्दीन बेहद ही उम्दा अभिनेता हैं। उन्होंने बताया नसीर सेट पर पूरी तरह से तैयार होकर आते हैं, उन्हें डायलॉग पूरे याद रहते हैं।
फिल्म में नसीर का चार दिन का शेड्यूल था, जिसमें सुबह 8.30 बजे से रात 2 बजे तक दो सीन फिल्माए जाने थे। लेकिन, नसीर रोल को इतना उम्दा करते थे की दिन में तीन सीन तैयार हो जाते थे।