ज्योतिष की नजर से जानें, कब भरें नामांकन?
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25 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसका व्रत रखने के इच्छुक लोगों से ज्यादा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को बेसब्री से इंतजार था। चूंकि ऐसी मान्यता है कि श्राद्ध के दिनों में कोई भी नया और शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
शायद इसीलिए 20 सितंबर से अब तक नामांकन प्रक्रिया में रुझान न के बराबर दिखाई दिया। नवरात्र जैसे ही करीब आ गए हैं, ठीक वैसे ही नेता ज्योतिषों के पास पहुंचने लगे हैं।
नवरात्र के दिनों में 27 सितंबर तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया में किस दिन कौन-सा समय शुभ है, यह जानने में नेता जुट गए हैं। वे अपने साथ बाकायदा अपनी कुंडली लेकर पंडितों के पास पहुंच रहे हैं।
जो आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन करने का मन बना चुके हैं, ज्योतिष उनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति और हाथ की लकीरें देख उन्हें नामांकन के लिए सही दिन व समय बता रहे हैं।
ज्योतिषियों को दिखा रहे कुंडली नेता
ज्योतिषाचार्य महेश शांडिल्य ने बताया कि उनके पास चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता अपनी कुंडलियां लेकर आ रहे हैं। यहीं नहीं जिन्होंने चुनाव लड़ने का मन बना लिया है, वे नामांकन की तिथि और समय पता करने के लिए भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक घोषित प्रत्याशी अधिक से अधिक वोट अपने पाले में डलवाने के उपाय भी पूछ रहे हैं।
25 को ब्रह्मयोग और 27 को अमृत सिद्ध योग
ज्योतिषाचार्य महेश शांडिल्य ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान 25 से 27 सितंबर के बीच नामांकन फलदायी हो सकता है। क्योंकि 25 को ब्रह्म योग और 27 को अमृत सिद्ध योग बन रहे हैं, जिसमें सूर्योदय से सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक कोई भी नया और शुभ कार्य करने का शुभ मुहूर्त होगा।
नवरात्र आठ या नौ दिन होंगे, बना है संशय
इस बार नवरात्र आठ दिन होंगे या फिर नौ दिन, इस बात को लेकर संशय बना हुआ है। दो साल के बाद फिर से ऐसी स्थिति बनी है। जहां एक ओर कुछ पंचांग आठ दिन के नवरात्र और नवमी का श्रय बता रहे हैं, तो कुछ नवमी के साथ दशहरे का पर्व बता रहे हैं।
उधर, ज्योतिषाचार्यों की मानें तो तीन अक्तूबर को दशहरा शास्त्र सम्मत है। पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि नवरात्र 25 सितंबर से शुरू होंगे, चूंकि महानवमी का क्षय है, दो अक्तूबर को ही महाअष्टमी के साथ नवमी पर्व भी मनाया जाएगा।
दो अक्तूबर को दोपहर 12:07 बजे तक अष्टमी तिथि है, जबकि उसके बाद में महानवमी शुरू होगी, जो तीन अक्तूबर को सुबह 9:58 बजे तक रहेगी। तीन अक्तूबर के दिन ही दशहरा भी मनेगा।
किस तारीख को क्या होगा दिन
तारीख---------नवरात्र
25 सितंबर - घटस्थापना
26 सितंबर - द्वितीय
27 सितंबर - तृतीय
28 सितंबर - चतुर्थी
29 सितंबर - पंचमी
30 सितंबर - षष्ठी
एक अक्तूबर- सप्तमी
दो अक्तूबर - महाअष्टमी
तीन अक्तूबर - महानवमी और दशहरा