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हरियाणाः 50 हजार कर्मचारियों को सताने लगा नौकरी जाने का खतरा, जानिए क्या है मामला
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 17 Nov 2018 09:00 AM IST
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हरियाणा के पचास हजार अनियिमित कर्मचारियों पर नौकरी से हाथ धोने का खतरा मंडराने लगा है। अगर सरकार अध्यादेश नहीं लाई तो 30 नवंबर के बाद करीब 50 हजार अनियमित कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। इनमें 2014 में नियमित हुए लगभग पांच हजार कर्मचारी भी शामिल हैं।
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पूर्व हुड्डा सरकार के समय 2014 में अधिसूचित नियमितीकरण की नीतियों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 मई 2018 को रद्द कर दिया था। इन आदेश की कॉपी सरकार लगभग एक माह बाद मिली। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि 6 महीने के अंदर अनुबंध आधार पर लगे सभी अनियमित कर्मचारियों की जगह नियमित भर्ती की जाए।
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इसे देखते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने विधानसभा के मानसून सत्र में बिल पारित कर हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर लंबा आंदोलन किया।
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30 नवंबर के बाद हाईकोर्ट के निर्णय को आए 6 महीने पूरे हो जाएंगे।
सरकार ने बिल का ड्राफ्ट भी संघ को भेजा, लेकिन बाद में बिल लाने के बजाए हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी गई। अभी एसएलपी पर सुनवाई नहीं हुई है। 30 नवंबर के बाद हाईकोर्ट के निर्णय को आए 6 महीने पूरे हो जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट का फैसला लागू करना पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने साफ किया हुआ है कि उस स्थिति में अध्यादेश लाकर कर्मचारियों की नौकरी बचाई जाएगी। बावजूद इसके कर्मचारियों में बेचैनी देखी जा रही है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने मुख्यमंत्री से बिना किसी देरी के अध्यादेश लाने की मांग की है ताकि हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिल सके। संघ जल्दी हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति की घाषणा करेगा। उन्होंने कांग्रेस व इनेलो सहित सभी राजनीतिक दलों से इस मामले पर फिर से आवाज बुलंद करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट का फैसला लागू करना पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने साफ किया हुआ है कि उस स्थिति में अध्यादेश लाकर कर्मचारियों की नौकरी बचाई जाएगी। बावजूद इसके कर्मचारियों में बेचैनी देखी जा रही है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने मुख्यमंत्री से बिना किसी देरी के अध्यादेश लाने की मांग की है ताकि हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिल सके। संघ जल्दी हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति की घाषणा करेगा। उन्होंने कांग्रेस व इनेलो सहित सभी राजनीतिक दलों से इस मामले पर फिर से आवाज बुलंद करने की मांग की है।