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Haryana News: हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में फीस बढ़ोत्तरी व बॉन्ड पॉलिसी को हाईकोर्ट में चुनौती
Tue, 20 Dec 2022 12:43 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 20 Dec 2022 12:43 AM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि सरकार के इस कदम से गरीब होनहार छात्रों से उनका हक छीना जा रहा है और सरकार मैरिट की जगह पैसों को तरजीह दे मेडिकल एजुकेशन पर अमीरों को काबिज करना चाहती है।
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प्रदर्शन की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी कोर्स की फीस बढ़ाने व हरियाणा सरकार की बॉन्ड पॉलिसी को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हरियाणा इकाई के मानद सचिव पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अब सचिव से ही वह पत्र मांगा है जिसके माध्यम से उन्हें याचिका दाखिल करने के लिए अधिकृत किया गया है।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा सरकार ने छह नवंबर 2020 को नोटिफिकेशन जारी कर सरकारी कॉलेजों की एमबीबीएस और पीजी कोर्स की फीस बढ़ाने का निर्णय लिया है। निर्णय के तहत जो छात्र दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें 10 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। इस तरह तो सरकार ने गरीबों से मेडिकल एजुकेशन लेने का अवसर छीन लिया है क्योंकि जो छात्र चाहे उसकी नीट में बेहतर पोजीशन ही क्यों न ही आई तो उसे दाखिले के लिए 10 लाख रुपये जमा करवाने होंगे।
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अगर उसके पास यह राशि नहीं है तो वह सरकार से ऋण ले सकता है। अगर सरकार से ऋण लिया और अगर उसे एमबीबीएस करने के बाद में सरकारी नौकरी नहीं मिली तो कई साल तो इस ऋण को चुकाने में चले जाएंगे। याचिका में कहा गया है कि सरकार के इस कदम से गरीब होनहार छात्रों से उनका हक छीना जा रहा है और सरकार मैरिट की जगह पैसों को तरजीह दे मेडिकल एजुकेशन पर अमीरों को काबिज करना चाहती है।
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