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Chandigarh: पीजीआई-पीयू के बीच बनेगा अंडरपास, फिजिबिलिटी रिपोर्ट को मिली मंजूरी, चुनाव से पहले होगा टेंडर
Sat, 03 Feb 2024 04:13 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Feb 2024 04:13 AM IST
सार
अंडरपास पीयू के पास मौजूद बस स्टॉप और पीयू गेट के बीच में बनेगा, जो पीजीआई से जुड़ेगा। अभी पीजीआई और पीयू आने-जाने वाले हजारों लोगों को गाड़ियां की आवाजाही के बीच रोजाना सड़क पार करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें काफी मुसीबत झेलनी पड़ती है। कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं, जिसके चलते ही यहां अंडरपास बनाने की जरूरत है।
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पीजीआई चंडीगढ़
विस्तार
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पीजीआई तक बनने वाला अंडरपास पिछले करीब चार साल से कागजों में भी अटका हुआ है। अब अंडरपास के जल्द बनने की उम्मीद जगी है।
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कुछ मामूली बदलावों के साथ अंडरपास की फिजिबिलिटी रिपोर्ट को हेरिटेज कमेटी से आखिरी मंजूरी मिल गई है। अब अंडरपास के ड्राइंग्स में संशोधन और उसके अनुसार एस्टीमेट बनेंगे। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की कोशिश है कि लोकसभा चुनाव से पहले अंडरपास का टेंडर कर दिया जाए।
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वर्ष 2018 में यूटी प्रशासन के अधिकारी और तत्कालीन पीजीआई निदेशक की बैठक हुई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडरपास बनाने पर सहमति बनी।
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4 नवंबर 2019 को इंजीनियरिंग विभाग के प्रस्ताव को तत्कालीन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंजूरी दी थी। इसके बाद काफी समय जगह तय करने और फिर करीब एक साल डिजाइन तय करने में निकल गया। इसके बाद यह अंडरपास हेरिटेज कमेटी में फंस गया। पहले अंडरपास को मंजूरी मिली। फिर अंडरपास के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई गई। करीब एक साल से इसमें संशोधन हो रहे थे। अब जाकर हेरिटेज कमेटी की सब कमेटी ने अंडरपास की फिजिबिलिटी रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि हाल में हुई बैठक में सीढ़ी, रैंप से जुड़े कुछ मामूली बदलाव सुझाए गए, जिनके साथ फिजिबिलिटी रिपोर्ट को मंजूर कर लिया गया है। अब सुझावों के अनुसार अंडरपास के लिए ड्राइंग्स तैयार होंगे और उसके बाद एस्टीमेट बनाए जाएंगे।
ओझा ने कहा कि विभाग की कोशिश है कि लोकसभा चुनाव से पहले अंडरपास के लिए टेंडर कर दिया जाए। अंडरपास बनने की जगह स्ट्रॉम वाटर की लाइन्स है, जिसे नगर निगम की तरफ से शिफ्ट किया जाना है। उसके लिए प्रशासन ने करीब 70 लाख रुपये की पेमेंट कर दी है।
रोज गार्डन अंडरपास से ज्यादा होगी चौड़ाई
पीजीआई-पीयू रोड से काफी लोग गुजरते हैं, जिसके चलते ही रोज गार्डन के अंडरपास के मुकाबले इस अंडरपास की चौड़ाई अधिक होगी। पिछली बैठकों में कई सुझाव दिए गए थे, जिसमें अंडरपास में दुकानें कम बनाने, रैंप किनारे और कर्व के बीच की दूरी बढ़ाने और लिफ्ट को सीढ़ी के उतरने वाली जगह के साथ शिफ्ट करने का सुझाव था। पहले यहां पर 13 से अधिक दुकानें बननी थी लेकिन अब दुकानों की संख्या कम हो सकती है। इसके अलावा कमेटी ने प्रतीक्षा क्षेत्र बनाने का भी सुझाव दिया और गलियारे के एक तरफ पब्लिक आर्ट बनाने और प्रवेश द्वार की चौड़ाई बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के लिए भी कहा था।
अंडरपास बना तो हजारों लोगों को मिलेगी राहत
प्रशासन ने प्रोजेक्ट को लेकर विभाग को हरी झंडी दी थी। अंडरपास का निर्माण शुरू होने पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रूट का अध्ययन किया गया है।