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प्रशासन के बुलडोजर का डर, जनता कॉलोनी 60 फीसदी खाली
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चंडीगढ़। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यूटी प्रशासन ने अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में तीन मई को सेक्टर-25 की जनता कॉलोनी में एक पब्लिक नोटिस लगाया गया था, जिसमें यहां रहने वाले सभी लोगों को सात दिन के अंदर कॉलोनी खाली करने को कहा गया था। नोटिस का समय पूरा होने वाला है इसलिए कालोनी के लगभग 60 फीसदी लोग खुद ही घर छोड़ चुके हैं। रविवार को भी कई लोग अपना सामान उठाकर ले जाते नजर आए।
प्रशासन ने एक मई को कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ा था। यह शहर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी थी। प्रशासन ने यहां एक दिन में करीब 2200 झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने दो महीने पहले इसका नोटिस दिया था लेकिन कार्रवाई वाले दिन किसी को मौका नहीं दिया गया और सुबह छह बजे ही कॉलोनी में प्रशासन का बुलडोजर पहुंच गया।
अब सेक्टर-25 की जनता कालोनी के लोगों में डर का माहौल है। पिछले कुछ दिनों से लोग आसपास के इलाकों में किराए पर घर लेकर रहने लगे हैं और कॉलोनी को खाली कर दिया है। जनता कॉलोनी करीब 30-35 साल पुरानी है। यहां वर्तमान में 1500 के करीब झुग्गियां हैं। स्थानीय पार्षद के पति संदीप कुमार ने बताया कि जब से प्रशासन ने कॉलोनी तोड़ने का नोटिस जारी किया है, लोग बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। एक हफ्ते में 60 फीसदी लोग खुद ही कॉलोनी छोड़ चुके हैं। हालांकि यहां 500-600 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास वर्ष 1998 तक के दस्तावेज मौजूद हैं। इनके पास वर्ष 2006 में हुए बायोमेट्रिक सर्वे के दस्तावेज भी मौजूद हैं इसलिए प्रशासन को इन्हें बेघर करने के पहले इनके लिए इनके रहने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से डीसी विनय प्रताप सिंह से मिलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कॉलोनी के लोगों की बातों को उन तक पहुंचाया जा सके लेकिन उनकी तरफ से मिलने का समय नहीं दिया जा रहा।
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सेक्टर-25 के एक बंद मकान का ताला तोड़ा, पार्षद ने की शिकायत
संदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर-25 में एक मकान है जो पिछले डेढ़ साल से बंद है। उसका मालिक कहीं गया हुआ है इसलिए उस मकान में ताला लगा हुआ है। बीते दिनों उन्हें फोन आया कि एक महिला उस मकान का ताला तोड़कर अपना सामान अंदर रख रही है। वह तुरंत मौके पर पहुंचे। संदीप ने आरोप लगाया कि पुलिस को इसकी शिकायत देने के बावजूद उस महिला ने एक एग्रीमेंट दिखाकर उस मकान में अपना सामान रख दिया। इस घटना के बाद फिर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई और मौके पर पुलिस भी पहुंची। संदीप कुमार ने कहा उन्होंने मामले में डीडीआर दर्ज करा दी है और अब घर के सामने पुलिस तैनात हो गई है। उन्होंने कहा कि ये गंभीर मामला है। ऐसे कोई भी बंद घर का ताला तोड़कर कैसे घुस सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए।
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प्रशासन ने एक मई को कॉलोनी नंबर-4 को तोड़ा था। यह शहर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी थी। प्रशासन ने यहां एक दिन में करीब 2200 झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने दो महीने पहले इसका नोटिस दिया था लेकिन कार्रवाई वाले दिन किसी को मौका नहीं दिया गया और सुबह छह बजे ही कॉलोनी में प्रशासन का बुलडोजर पहुंच गया।
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अब सेक्टर-25 की जनता कालोनी के लोगों में डर का माहौल है। पिछले कुछ दिनों से लोग आसपास के इलाकों में किराए पर घर लेकर रहने लगे हैं और कॉलोनी को खाली कर दिया है। जनता कॉलोनी करीब 30-35 साल पुरानी है। यहां वर्तमान में 1500 के करीब झुग्गियां हैं। स्थानीय पार्षद के पति संदीप कुमार ने बताया कि जब से प्रशासन ने कॉलोनी तोड़ने का नोटिस जारी किया है, लोग बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। एक हफ्ते में 60 फीसदी लोग खुद ही कॉलोनी छोड़ चुके हैं। हालांकि यहां 500-600 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास वर्ष 1998 तक के दस्तावेज मौजूद हैं। इनके पास वर्ष 2006 में हुए बायोमेट्रिक सर्वे के दस्तावेज भी मौजूद हैं इसलिए प्रशासन को इन्हें बेघर करने के पहले इनके लिए इनके रहने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से डीसी विनय प्रताप सिंह से मिलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कॉलोनी के लोगों की बातों को उन तक पहुंचाया जा सके लेकिन उनकी तरफ से मिलने का समय नहीं दिया जा रहा।
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सेक्टर-25 के एक बंद मकान का ताला तोड़ा, पार्षद ने की शिकायत
संदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर-25 में एक मकान है जो पिछले डेढ़ साल से बंद है। उसका मालिक कहीं गया हुआ है इसलिए उस मकान में ताला लगा हुआ है। बीते दिनों उन्हें फोन आया कि एक महिला उस मकान का ताला तोड़कर अपना सामान अंदर रख रही है। वह तुरंत मौके पर पहुंचे। संदीप ने आरोप लगाया कि पुलिस को इसकी शिकायत देने के बावजूद उस महिला ने एक एग्रीमेंट दिखाकर उस मकान में अपना सामान रख दिया। इस घटना के बाद फिर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई और मौके पर पुलिस भी पहुंची। संदीप कुमार ने कहा उन्होंने मामले में डीडीआर दर्ज करा दी है और अब घर के सामने पुलिस तैनात हो गई है। उन्होंने कहा कि ये गंभीर मामला है। ऐसे कोई भी बंद घर का ताला तोड़कर कैसे घुस सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए।