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पिताजी के शुरू किए ड्रीम प्रोजेक्ट हों पूरे, यही होगी उनको सच्ची श्रद्धांजलि : अनुज सैनी
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चंडीगढ़। रॉक गार्डन निर्माता पद्मश्री स्व. नेक चंद सैनी की शनिवार को पुण्यतिथि है। इस दौरान उनका परिवार और नेकचंद के करीबी दोस्त रॉक गार्डन में उनके दफ्तर पर जाकर श्रद्धांजलि देंगे। नेकचंद के बेटे अनुज सैनी का कहना है कि उनके पिता के शुरू किए गए ड्रीम प्रोजेक्ट अभी अधूरे पड़े हैं, अगर ये पूरे हो जाएं तो उन्हें ये सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
नेकचंद वर्ष 2015 में दुनिया का अलविदा कह गए थे। उनके द्वारा बनाए गए रॉक गर्डन को देखने देश ही विदेशों से भी लोग आते हैं। उनके बेटे अनुज सैनी और रॉक गार्डन सोसाइटी के सदस्य ने कहा कि उन्हें अपने पिता की उपलब्धि पर नाज है। उन्होंने एतिहासिक रॉक गार्डन का निर्माण कर पूरी दुनिया में चंडीगढ़ का नाम रोशन किया। इस बात का इन्हें और इनके परिवार को सदा गर्व रहेगा, लेकिन उनके शुरू किए गए कुछ ड्रीम प्रोजेक्ट आज भी अधूरे पड़े हैं, ये पूरे होने पर ही परिवार को असली खुशी मिलेगी।
म्यूजियम बनाने का सपना था
अनुज सैनी ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय नेकचंद ने अपने जीते जी एक रॉक गार्डन में एक ऐसा अदभूत मयूजियम बनाने का फैसला लिया था, जिसमें उनके जीवन और रॉकगार्डन से जुड़ी यादें थीं। अपने जीते जी इसे पूरा करना चाहते थे। इसका काम भी उन्होंने खुद शुरू किया था। इस म्यूजियम में उनकी साइकिल, रॉक गार्डन की शरुआती फोटो, लाइब्रेरी जिसमें रॉकगार्डन से संबधित जानकारी वाली किताबें, रॉक गार्डन के बनाने का पूरे सफर की तमाम जानकारी रखी जानी थी। लेकिन वर्ष 2008 में फंड की कमी की वजह से इसका काम बंद हो गया। इसे पूरा करने के लिए वह कई बार प्रशासन से मदद भी मांगते रहे, लेकिन यह बन नहीं पाया।
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डॉल संग्रहालय ,बाहर निकलने का रास्ता
अनुज सैनी ने बताया कि उनके पिता नेक चंद ने रॉक गार्डन में डॉल म्यूजियम बनाना शुरू किया था। इसका काम तो पूरा हो गया था, लेकिन इसके अंदर आर्ट वर्क का काम बाकी था जोकि वर्ष 2017 से आज तक बंद पड़ा है। वहीं नेकचंद ने रॉकगार्डन से बाहर जाने का एक रास्ता भी खुद तैयार किया था। इसका आर्ट वर्क आज तक पूरा नहीं हो पाया। इसके साथ ही बारिश से बचने के लिए एक रेन शेल्टर बनाना था, उसकी छत तो पड़ गई लेकिन, उसका आर्टवर्क भी अधूरा ही पड़ा है।
परिवार के सदस्य और दोस्त देंगे श्रद्धंाजलि
नेकचंद की पुण्यतिथि पर उनका परिवार और करीबी दोस्त शनिवार को रॉक गार्डन जाकर श्रद्धांजलि देंगे। बेटे अनुज सैनी ने बताया कि परिवार से उनकी पत्नी अर्चना, बेटा आहान सुबह 11.30 बजे रॉक गार्डन जाएंगे। इसके साथ ही नेक चंद की करीबी दोस्त हर्ष कुमार, आरके बेदी, डॉ. सिंगला भी रॉक गार्डन पहुंचकर उन्हें श्रद्धंाजलि देंगे। इस दौरान वहां पर पौधरोपण भी किया जाएगा।
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नेकचंद वर्ष 2015 में दुनिया का अलविदा कह गए थे। उनके द्वारा बनाए गए रॉक गर्डन को देखने देश ही विदेशों से भी लोग आते हैं। उनके बेटे अनुज सैनी और रॉक गार्डन सोसाइटी के सदस्य ने कहा कि उन्हें अपने पिता की उपलब्धि पर नाज है। उन्होंने एतिहासिक रॉक गार्डन का निर्माण कर पूरी दुनिया में चंडीगढ़ का नाम रोशन किया। इस बात का इन्हें और इनके परिवार को सदा गर्व रहेगा, लेकिन उनके शुरू किए गए कुछ ड्रीम प्रोजेक्ट आज भी अधूरे पड़े हैं, ये पूरे होने पर ही परिवार को असली खुशी मिलेगी।
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म्यूजियम बनाने का सपना था
अनुज सैनी ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय नेकचंद ने अपने जीते जी एक रॉक गार्डन में एक ऐसा अदभूत मयूजियम बनाने का फैसला लिया था, जिसमें उनके जीवन और रॉकगार्डन से जुड़ी यादें थीं। अपने जीते जी इसे पूरा करना चाहते थे। इसका काम भी उन्होंने खुद शुरू किया था। इस म्यूजियम में उनकी साइकिल, रॉक गार्डन की शरुआती फोटो, लाइब्रेरी जिसमें रॉकगार्डन से संबधित जानकारी वाली किताबें, रॉक गार्डन के बनाने का पूरे सफर की तमाम जानकारी रखी जानी थी। लेकिन वर्ष 2008 में फंड की कमी की वजह से इसका काम बंद हो गया। इसे पूरा करने के लिए वह कई बार प्रशासन से मदद भी मांगते रहे, लेकिन यह बन नहीं पाया।
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डॉल संग्रहालय ,बाहर निकलने का रास्ता
अनुज सैनी ने बताया कि उनके पिता नेक चंद ने रॉक गार्डन में डॉल म्यूजियम बनाना शुरू किया था। इसका काम तो पूरा हो गया था, लेकिन इसके अंदर आर्ट वर्क का काम बाकी था जोकि वर्ष 2017 से आज तक बंद पड़ा है। वहीं नेकचंद ने रॉकगार्डन से बाहर जाने का एक रास्ता भी खुद तैयार किया था। इसका आर्ट वर्क आज तक पूरा नहीं हो पाया। इसके साथ ही बारिश से बचने के लिए एक रेन शेल्टर बनाना था, उसकी छत तो पड़ गई लेकिन, उसका आर्टवर्क भी अधूरा ही पड़ा है।
परिवार के सदस्य और दोस्त देंगे श्रद्धंाजलि
नेकचंद की पुण्यतिथि पर उनका परिवार और करीबी दोस्त शनिवार को रॉक गार्डन जाकर श्रद्धांजलि देंगे। बेटे अनुज सैनी ने बताया कि परिवार से उनकी पत्नी अर्चना, बेटा आहान सुबह 11.30 बजे रॉक गार्डन जाएंगे। इसके साथ ही नेक चंद की करीबी दोस्त हर्ष कुमार, आरके बेदी, डॉ. सिंगला भी रॉक गार्डन पहुंचकर उन्हें श्रद्धंाजलि देंगे। इस दौरान वहां पर पौधरोपण भी किया जाएगा।