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इंसानियत शर्मसार: मोपेड पर डेढ़ साल की बेटी का शव ले जाने को मजबूर पिता, हरियाणा का मामला
Thu, 20 Aug 2020 01:30 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 Aug 2020 01:30 AM IST
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मोपेड पर बेटी का शव ले जाने को मजबूर पिता।
धौड़ और खेड़ी खुम्मार गांव के बीच अमरूद की बाग को ठेके पर लेने वाले एक व्यक्ति की डेढ़ साल की मासूम बेटी की पानी में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जब बच्ची के शव को ले जाने के लिए उसे एंबुलेंस नहीं मिली तो वह अपनी मोपेड पर ही बच्ची के शव को लेकर गया। बार-बार विभाग के एंबुलेंस केंद्र में संपर्क करने के बाद भी उसे एंबुलेंस नहीं मिली तो रोते हुए बच्ची के शव को उसका पिता शव को गोद में उठाकर मोपेड पर सवार होकर ही घर के लिए रवाना हुआ।
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जानकारी अनुसार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अजनियां गांव निवासी अमीचंद का कहना है कि वह पिछले करीब तीन साल से अपने परिवार के साथ धौड़ और खेड़ी खुम्मार रोड पर अमरूद के बाग को ठेके पर लेता है। मंगलवार की शाम उसकी डेढ़ वर्ष की मासूम बेटी अंजलि पानी में डूब गई और उसकी मौत हो गई। अमीचंद ने बताया कि मंगलवार शाम को बच्चे घर के बाहर बाग में खेल रहे थे।
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खेत में पानी जमा होने के कारण उसकी सबसे छोटी बेटी डेढ़ वर्षीय अंजलि खेत में भरे पानी में गिर गई। उसके बड़े भाई संदीप को इसका पता चला तो अंजलि पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। वहीं उनकी मां वीरवती भी मौके पर पहुंची। अंजलि को पानी से बाहर निकालकर झज्जर अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतका के परिजनों को सौंप दिया गया।
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मृतक के पोस्टमार्टम के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शव को घर तक लेकर जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई जाती है। - डा. संजय सचदेवा, एसएमओ, झज्जर।