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Hindi News ›   Chandigarh ›   A girl accused PGI to hide her Father Death by corona 

लापरवाही: 48 घंटे पहले हो गई मरीज की मौत, परिवार का आरोप-हमें बताया ही नहीं गया 

Fri, 23 Apr 2021 02:49 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 23 Apr 2021 02:49 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश निवासी 57 वर्षीय मोहिंदर कुमार की बेटी अक्षिता ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की मौत 20 अप्रैल की शाम को ही हो गई थी, लेकिन पीजीआई ने बार-बार पूछने पर भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी।  

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A girl accused PGI to hide her Father Death by corona 
चंडीगढ़ पीजीआई - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई के कोविड अस्पताल में मौत के 48 घंटे बाद परिजनों को इसकी सूचना देने की शिकायत सामने आई है। हिमाचल प्रदेश निवासी 57 वर्षीय मोहिंदर कुमार की बेटी अक्षिता ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की मौत 20 अप्रैल की शाम को ही हो गई थी, लेकिन पीजीआई ने बार-बार पूछने पर भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। उधर, पीजीआई प्रशासन इस आरोप को निराधार बता रहा है।

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पीजीआई प्रशासन के अनुसार, मरीज की मौत की सूचना परिजनों द्वारा दिए गए नंबर पर देने का प्रयास 20 अप्रैल को ही किया गया था, लेकिन नंबर पहुंच से बाहर था। 21 अप्रैल को भी उसी नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन पुन: संपर्क नहीं हो पाया। इसकी सूचना संबंधित डॉक्टर ने अपने वरिष्ठ को दे दी थी। कोविड-19 के भर्ती मरीजों के लिस्ट से उस मरीज का नाम भी हटा दिया गया था, इसलिए यह आरोप पूरी तरह गलत है।
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अक्षिता का कहना है कि 20 अप्रैल को उन्होंने अपने पिता के फोन पर कॉल किया था। कॉल न लगने पर वह शाम को पीजीआई कोविड-19 अस्पताल में पहुंचीं, जहां उनसे कहा गया कि उनके पिता की स्थिति गंभीर है और वह ऑक्सीजन पर हैं, इसलिए फोन पर बात नहीं कर सकते। उन्हें पिता की क्रिटनीन, यूरिया, हिमोग्लोबिन और ऑक्सीजन लेवल की रिपोर्ट भी नोट करा दी गई। 21 अप्रैल को भी वह अपने पिता से बात करने के लिए अस्पताल गईं थीं। अक्षिता ने बताया कि उस दौरान उनके पिता के मोबाइल फोन की घंटी बज रही थी लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा था।
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इस बार भी डॉक्टर ने उनके ऑक्सीजन पर होने की बात बता कर सारी रिपोर्ट नोट करा दी, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। 22 अप्रैल की सुबह उन्हें शव दे दिया गया। इसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार किया। अक्षिता का कहना है कि पीजीआई से मिले डेथ सर्टिफिकेट पर मौत का समय 20 अप्रैल की सुबह 9:58 बजे लिखा गया है। इसका मतलब है कि मौत के बाद भी उनके पिता की झूठी रिपोर्ट उन्हें दी जा रही थी।

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