Punjab News: दिल्ली-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन भी जाम, आज रेल ट्रैक पर धरना देने किसान
किसान नेता बलविंदर सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द हमारी मांगें नहीं मानी गई तो आने वाले समय में यहां पर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। लोगों को हो रही परेशानियां पर किसानों ने कहा कि मजबूरी में धरने करने पड़ रहे हैं।
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दिल्ली-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर जालंधर के धन्नो वाली फाटक के पास गन्ने के रेट बढ़ाने और पराली जलाने के केसों को रद्द करवाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन का प्लान जारी कर यात्रियों से बदले रूट से यात्रा करने की सलाह दी।
किसानों ने सीएम के साथ बैठक में हल निकलने तक रेलवे ट्रैक को जाम करने की कॉल वापस ले ली थी। अब मंगलवार को बैठक में कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने गुरुवार को रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। किसान नेता बलविंदर सिंह का कहना है कि जरूरी सेवाओं के लिए रास्ता खोला गया है। इसके अलावा किसी को भी इस रास्ते से निकालने नहीं दिया जाएगा। अब तक धरने में कुल 28 किसान संगठन पहुंच चुके हैं।
इस रूट निकलें, जाम से बच जाएंगे
वाया जालंधर से गंतव्य पर जाने वाले यात्रियों को पुलिस ने जारी यातायात दिशा-निर्देश के तहत सफर करने का सुझाव दिया है। इसमें अमृतसर जाने के लिए आदमपुर, किशनगढ़ करतारपुर के रास्ते से और फिल्लौर से नूरमहल और नकोदर होते हुए भी जा सकते हैं। चंडीगढ़ जाने के लिए किशनगढ़, आदमपुर, होशियारपुर, गढ़शंकर नवांशहर होते हुए निकलें।
लुधियाना के लिए किशनगढ़, आदमपुर मेहटियाणा और फगवाड़ा होते हुए सफर करें। पठानकोट जाने के लिए फिल्लौर से राहों, नवांशहर, गढ़शंकर, होशियारपुर से पठानकोट पहुंचे। इस तरह जाम से बचा जा सकता है।
हमने मंत्रियों की कोठियां घेरीं, पर हल नहीं हुआ: किसान
सीएम मान के एक्स पर प्रतिक्रिया के बाद किसानों ने पलटवार करते हुए जवाब दिया है। किसानों का कहना है कि ठीक है कि सीएम साहब... पंजाब के मालिक हैं, वह कुछ भी कह सकते हैं। सीएम मान ने तीन माह पहले ट्वीट किया था कि वे सड़कों पर धरने न लगाएं। किसान मंत्रियों के घरों का घेराव कर सकते हैं। हमने कई मंत्रियों के घरों का घेराव भी किया लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। अब जब सीएम मान उनके साथ बैठक करना चाहते हैं तो वह किसान जत्थेबंदियों को लेटर जारी करें। इसके बाद किसान जत्थेबंदियां भी बैठक में इस मसले का हल निकालें। हल न निकला तो गुरुवार सुबह 10 बजे रेलवे ट्रैक पर भी बैठ जाएंगे।