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Karnal Farmer Protest: किसानों की दो मांगें मानी, करनाल में पांचवें दिन धरना किया समाप्त

Sat, 11 Sep 2021 09:54 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Sep 2021 09:54 AM IST
सार

आम सहमति से ये भी निर्णय हुआ है कि हरियाणा सरकार मृतक किसान सतीश काजल के दो परिजनों को करनाल में डीसी रेट पर सेंक्शन पोस्ट पर नौकरी देगी। इसके बाद किसान नेता गुरनाम सिंह ने करनाल में लाठीचार्ज के मामले पर चल रहे आंदोलन को खत्म करने का एलान कर दिया है। 

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Farmers Protest at Karnal Live Updates Meeting Between Farmer Leaders And Karnal Administration Farmers Protest Contiunes
करनाल में पत्रकारों से बात करते किसान नेता और अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लाठीचार्ज प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाएगी और मृतक किसान के परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। प्रशासन की इस सहमति के बाद किसानों ने पांचवें दिन शनिवार को करनाल में धरना समाप्त कर दिया है। लघु सचिवालय के बाहर पड़ाव डालकर बैठे किसान चार दिन से अपनी मांगों पर अड़े थे। 

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हरियाणा कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह की मौजूदगी में अफसरों की किसानों के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। एसीएस ने कहा कि लाठीचार्ज प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज से कराई जाएगी। जांच एक महीने में पूरी होगी और तब तक करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा छुट्टी पर रहेंगे। 
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उन्होंने यह भी कहा कि मृतक किसान सुशील काजल के परिवार के दो सदस्यों को स्वीकृत पद पर डीसी रेट के तहत नौकरी दी जाएगी। इसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य नेताओं ने धरना खत्म करने का एलान किया। दोपहर तक लघु सचिवालय के समक्ष हजारों की संख्या में किसान धरना स्थल पर जुटे हुए थे। 

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ये बने समझौते के गवाह

दोनों पक्षों में समझौते की घोषणा प्रशासन की ओर से हरियाणा कृषि विभाग के एसीएस देवेंद्र सिंह, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया और किसान संगठनों की ओर से भाकियू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य नेताओं की उपस्थिति में संयुक्त रूप से मीडिया से रूबरू होते हुए की गई। 

यह भी किया जा रहा दावा...
किसान नेताओं की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा और गंभीर रूप से घायल हुए किसानों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा भी मिलेगा। हालांकि इन दोनों मांगों के मानने की पुष्टि प्रशासन ने नहीं की गई है। 

किसान हमारे भाई, सम्मानजनक तरीके से हुआ समझौता
किसान हमारे भाई हैं और यह समझौता बड़े सम्मानजनक तरीके से हुआ है। पूरी वार्ता के बाद ही निर्णय पर पहुंचे हैं। -देवेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि विभाग 

अन्य जगह पहले की तरह धरने चलेंगे, भाजपा-जजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा

बसताड़ा टोल प्लाजा पर हुए लाठीचार्ज मामले को लेकर करनाल में किसानों का मोर्चा लगा था। सरकार और प्रशासन से मांगों पर सहमति बन गई है, इसलिए यहां धरना समाप्त कर दिया है लेकिन प्रदेशभर में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इसके तहत जहां-जहां पहले धरने चल रहे थे, वो भी चलेंगे और भाजपा-जजपा नेताओं का विरोध भी पहले की तरह ही करेंगे। - गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू हरियाणा।

यह था मामला
28 अगस्त को किसानों ने करनाल में भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का विरोध करने का एलान किया था। इस दौरान राष्ट्रीय राजगार्म-44 स्थित बसताड़ा टोल पर किसानों और पुलिस में टकराव हो गया था। पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया था। तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा का लाठीचार्ज करने का आदेश देते हुए का वीडियो वायरल होने से नाराज किसानों ने 7 सितंबर को करनाल में लघु सचिवालय का घेराव कर दिया था।

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