पंजाबः पराली से कैसे निपटे किसान, मशीन खरीदने के लिए समय से नहीं मिल रही सब्सिडी
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पराली से निपटने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की योजना सूबे में फेल साबित हुई है। योजना के तहत किसानों को ऐसी मशीनें खरीदने के लिए प्रेरित करना था, जिससे पराली को आग लगाने की जरूरत न पड़े। मशीनें खरीदने पर केंद्र सरकार की ओर से किसानों को 50 फीसदी और सोसाइटी को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जानी है।
हालात यह हैं कि जिले में आवेदन करने वाले 1914 किसानों में से 372 को ही योजना का लाभ मिल सका है। पराली को खेत में ही नष्ट करने के लिए दो फेज में सब्सिडी योजना को लागू किया था। पहला फेज जून में शुरू हुआ। इस फेज में जिले से 530 लोगों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया था। इसमें सिर्फ 372 लोगों को सब्सिडी मिली।
अन्य आवेदनों का निपटारा नहीं हो सका। इसी तरह अगस्त में योजना का दूसरा चरण शुरू किया। इसमें एक हजार किसानों ने आवेदन किया था। वही 24 सोसायटी और 360 को ऑपरेटिव सोसायटी ने आवेदन किया था। इसमें कितने किसानों को फायदा मिला, इसका रिकॉर्ड अधिकारियों के पास नहीं है।
इस तरह मिलना है योजना का फायदा
योजना के तहत किसानों को मशीनरी खरीदने के लिए कृषि विभाग के पास आवेदन करना था। इसके बाद किसान को खुद मशीन खरीदनी थी। मशीन खरीदने की सूचना कृषि अधिकारियों की देनी थी। इसके बाद ब्लॉक स्तर का अधिकारी मशीन खरीदने की जांच कर अपनी रिपोर्ट देता है। इसके बाद कृषि अधिकारी इसकी रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजेंगे। वहां से आवेदन स्वीकार होते ही सब्सिडी की धनराशि सीधे किसान के खाते में आएगी।
जून में 530 किसानों ने इस योजना के तहत आवेदन किया था। इसमें 372 किसानों को 3 करोड़ की सब्सिडी जारी हो चुकी है। अन्य आवेदन पर काम चल रहा है। अगस्त में आवेदन करने वाले एक हजार किसानों से कहा गया है कि वह मशीनें खरीदना शुरू कर दें। सब्सिडी उनके खाते में बाद में पहुंच जाएंगी। अमनप्रीत सिंह, असिस्टेंट एग्रीकल्चर इंजीनियर