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हरियाणा : सरस्वती नदी को लेकर तीन गांवों के किसानों का बड़ा फैसला, जलधारा के लिए सरकार को दी 60 एकड़ जमीन
Wed, 03 Mar 2021 01:23 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:23 AM IST
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सरस्वती नदी।
- फोटो : फाइल फोटो।
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हरियाणा के यमुनानगर जिले के तीन गांवों के किसानों ने सरस्वती नदी की जलधारा को प्रवाहित करने के लिए 60 एकड़ जमीन राज्य सरकार को दे दी है। दादूपुर नलवी के तीन किलोमीटर तक की भूमि सरकार को देने वाले किसानों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह से चंडीगढ़ में उनके आवास पर मिला।
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संदीप सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी के प्रवाह को लेकर राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि नदी की धारा लगातार साल भर चले और किसानों को इसका पूरा लाभ मिले। इसके लिए स्यालवा, झाड़ चंदना व ऊंचा चंदना गांव के किसानों ने खुद आगे आकर सरकार को भूमि देने की पहल की है। दादूपुर नलवी के लगभग तीन किमी के दायरे में इसका प्रवाह नहीं हो रहा है। नहर का पानी सरस्वती नदी से जुड़ेगा तो इस क्षेत्र में जल स्तर भी बढ़ेगा।
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अब जलधारा में कोई बाधा नहीं रहेगी
किसानों ने बताया कि यमुनानगर के तीन गांवों की लगभग 60 एकड़ भूमि पर लिंक नहर न बनने के कारण सरस्वती नदी के प्रवाह में बाधा आ रही थी। इसलिए किसानों ने आगे आकर जमीन दी। नहर का यह क्षेत्र नदी से जुड़ने के बाद जलधारा में कोई बाधा नहीं रहेगी। नदी के धरातल पर आने से उनके क्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा के अन्य जिलों में भी पानी की समस्या दूर होगी। प्रतिनिधिमंडल में सुभाष चौहान, रामपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, तेलू भगत, महावीर सिंह, वेदपाल, कवंरपाल, इंद्रजीत, जोगेंद्र सिंह, प्रताप सिंह महल आदि शामिल रहे।
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