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हाईकोर्ट के दखल के बाद किसानों ने खाली किया रेलमार्ग, मांगे न मानने पर फिर दी धरने की चेतावनी

Wed, 06 Mar 2019 08:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 06 Mar 2019 08:26 PM IST
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Farmers evacuated railway track in Amritsar
किसानों ने रेलवे ट्रैक किया खाली

तीन दिनों तक रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर हजारों रेल यात्रियों की परेशानी का सबब बनी किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार दोपहर बाद धरना समाप्त कर दिया। जब तक किसान संघर्ष कमेटी के हजारों समर्थक रेल ट्रैक से उठकर घरों को लौटते तब तक 34 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। दो दर्जन से अधिक गाड़ियों को ब्यास व जालंधर रेलवे स्टेशन से संचालित किया गया। ट्रैक खाली होने के बाद अमृतसर रेलवे स्टेशन से शाम को चलने वाली कई गाड़ियां रवाना हुईं।

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बुधवार को हजारों समर्थक जंडियाला गुरु रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर पहुंचने शुरू हो गए थे। सैकड़ों किसान ट्रैक के डेढ़-दो किलोमीटर तक फैल गए। किसानों के साथ आईं महिलाएं ट्रैक पर बैठकर सरकार विरोधी नारे लगाती रहीं। ट्रैक पर बैठे संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने एक सुर में कहा कि सरकार किसानों का धरना उठाने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। 
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पंजाब सरकार ने किसानों की कुछ मांगें स्वीकार की थी, सरकार उन्हें लागू करे। स्वामीनाथन रिपोर्ट व किसानों के कर्ज माफी पर मुख्यमंत्री से बातचीत करने के लिए संघर्ष कमेटी तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। बातों से किसानों और मजदूरों को बरगलाया जा रहा है। सरकार समझ ले कि अब बातों से धरना उठने वाला नहीं है। 
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उन्होंने कहा कि ट्रैक पर बैठे हजारों किसानों को उठाना उनके बस में नहीं है। किसान नेता स्वर्ण सिंह पंधेर ने धरने में बैठे किसानों से कहा कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद धरना 29 मार्च तक स्थगित किया गया है। किसानों की मांगें न मानी गईं तो फिर 29 मार्च के बाद धरना दिया जाएगा। धरने के दौरान लोगों को जो परशानी हुई है उसके लिए संघर्ष कमेटी को खेद है। संघर्ष की रूपरेखा क्या होगी इस पर पंधेर ने कहा कि मंत्रियों, विधायकों व सरकारी दफ्तरों का घेराव किया जाएगा।
 

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