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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers demonstrated outside residence of Education Minister in Jagadhri

Yamunanagar News: शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने जा रहे किसानों को पुलिस ने बैरिकेड लगा रोका

Thu, 29 Dec 2022 05:04 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जगाधरी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Dec 2022 05:04 PM IST
सार

जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि सरकार किसानों का हक मारने पर तुली है। शुगर मिल चालू होने के दो महीने के बाद सरकार ने गन्ने का रेट घोषित किया। परंतु यह रेट किसानों को स्वीकार नहीं है। सरकार किसानों से धोखा कर रही है। पड़ोसी राज्यों में इससे ज्यादा गन्ने के दाम हैं।

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Farmers demonstrated outside residence of Education Minister in Jagadhri
प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मांग के अनुरूप गन्ने का दाम न मिलने से खफा किसानों ने गुरुवार को शिक्षा मंत्री के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया। कड़ाके की सर्दी में किसान सुबह ही महाराजा अग्रसेन चौक पर एकत्र होने लगे थे। यहां से एकत्र होकर सभी शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर के निवास पर पहुंचे। सुनियोजित धरने को लेकर यहां पर कड़ी सुरक्षा का प्रबंध किया गया था।

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 प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल शिक्षामंत्री निवास पर तैनात रहा। यहां किसानों ने जमकर नारेबाजी और सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान किसान जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे पर दरियां बिछाकर बैठ गए और हाईवे जाम कर दिया। ऐसे में पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। किसान पांवटा की ओर से आने वाली लेन पर बैठे थे। इसके चलते पुलिस को आवाजाही एक ही साइड से करवानी पड़ी। 
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किसान शिक्षामंत्री निवास तक न पहुंचे सके, इसके लिए कॉलोनी के बाहर ही बेरिकेड्स और उसके ऊपर कंटीली तार लगाई गई थी। करीब तीन घंटे किसानों ने यहां धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की ओर से आह्वान किया गया था। जिसका नेतृत्व यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने किया।

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यहां जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि सरकार किसानों का हक मारने पर तुली है। शुगर मिल चालू होने के दो महीने के बाद सरकार ने गन्ने का रेट घोषित किया। परंतु यह रेट किसानों को स्वीकार नहीं है। सरकार किसानों से धोखा कर रही है। पड़ोसी राज्यों में इससे ज्यादा गन्ने के दाम हैं। पंजाब में गन्ने का दाम 380 रुपये है। किसान लंबे समय से 450 रुपये प्रति क्विंटल दाम करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार ने 362 रुपये प्रति क्विंटल का दाम जारी किया है। इससे किसानों में भारी रोष है। संजू ने कहा कि महंगाई हर दिन बढ़ रही है।

गन्ने से तैयार की जाने वाली चीनी भी महंगी है। जबकि किसानों से गन्ना सस्ते दाम पर लिया जा रहा है। गन्ना बुवाई में किसान की लागत व मेहनत दाम से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांग पूरी करे और गन्ना दाम में संशोधन करे। इस दौरान भाकियू निदेशक मनदीप रोड छप्पर ने कहा कि पांच जनवरी को प्रदेश की शुगर मिलों पर दो घंटे के लिए प्रदर्शन किए जाएंगे। 10 जनवरी को करनाल में किसानों की महापंचायत होगी। महापंचायत में इसे लेकर अंतिम व बड़ा निर्णय लिया जाएगा।

किसानों को महासचिव शिवकुमार संधाला, संदीप टोपरा, संजू सरावां, अनिल मोंटी, परमजीत सिंह, राजकुमार, सतपाल कौशिक, हरपाल सुढल, कृष्णपाल ने संबोधित किया। इसके बाद किसानों ने सरकार का पुतला फूंका और लौट गए। किसानों के लौटने के करीब आधे घंटे बाद धरनास्थल से पुलिस बल हटाया गया। इस दौरान जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे से निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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