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Punjab: कपूरथला में नहर की पटरी टूटी; गांव बडियाल में 25 एकड़ फसल जलमग्न, किसानों ने की मुआवजे की मांग
Wed, 27 Dec 2023 07:34 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 27 Dec 2023 07:34 PM IST
सार
गांव बडियाल के सरपंच दलजीत सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले इसी जगह नहर में दरार पड़ी थी। तब भी किसानों की फसल में पानी भर गया था। उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
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कपूरथला में टूटी नहर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कपूरथला के गांव बडियाल से गुजरने वाली नहर में दरार पड़ने से आलू व गेहूं की 25 एकड़ से अधिक फसल पानी में डूब गई है। सुबह से ही किसान व अन्य लोग अपने स्तर पर जेसीबी व मिट्टी के बोरे भरकर दरार को पाटने की कोशिश में जुटे रहे। देर शाम खबर लिखे जाने तक दरार भरी नहीं गई थी। पीड़ित किसानों का कहना है कि नहर में यह दरार दूसरी बार पड़ी है। वहीं नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस दरार को भरने कोशिश की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार गांव बडियाल में सुबह करीब छह बजे नहर में अचानक पानी आने से गांव के पास खेतों से गुजर रही नहर में दरार पड़ गई। पानी का बहाव तेज होने के चलते कुछ ही समय में दरार बढ़ती गई और 25 एकड़ से ज्यादा आलू व गेहूं की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई।
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गांव बडियाल के सरपंच दलजीत सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले इसी जगह नहर में दरार पड़ी थी। तब भी किसानों की फसल में पानी भर गया था। उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। नहर को और मजबूत करने की भी अपील की। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के जिला प्रधान हरजिंदर सिंह राणा सैदोवाल ने कहा कि जब किसानों को जरूरत होती है। तब नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता। अब जब फसलों को पानी की बेहद कम जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते नहरी विभाग व प्रशासन ने उचित प्रबंध किया होता किसानों को नुकसान न उठाना पड़ता।
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वहीं नहरी विभाग के एक्सईएन अमित सब्बरवाल ने बताया कुछ किसानों की मांग पर ही नहर में पानी छोड़ा गया था। अब पानी बंद कर दिया गया है। नहर में 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जबकि नहर की क्षमता 1500 क्यूसेक पानी की है। जिन किसानों की फसल में पानी भरा है, उसकी रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को भेज दी जाएगी।