{"_id":"2deac78c04a506dab3ea5e5b0a839c75","slug":"farmer-request-government-give-permission-to-sale-body-parts-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुकुम! मुआवजा दो या अंग बेचने की इजाजत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुकुम! मुआवजा दो या अंग बेचने की इजाजत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
Updated Tue, 12 May 2015 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि का शिकार हुए 50 किसानों ने अब अपने अंग बेचने की अनुमति मांगी है।
विज्ञापन
मुआवजा न मिलने के विरोध में आसन, गिरावड़ सहित कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय घेर लिया और फैसला नहीं होने तक धरने की चेतावनी दी। फैसला लिया गया कि अंग बेचने की अनुमति पर प्रशासन की ओर से जवाब नहीं मिलने तक रोजाना लघु सचिवालय में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक धरना दिया जाएगा।
इससे पहले, मंगलवार दोपहर को भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष सत्यवान नरवाल के नेतृत्व में किसान लघु सचिवालय पहुंचे। आनन-फानन में एसडीएम ने किसानों के सामने ही जिला राजस्व अधिकारी को फोन कर आसन गांव की गिरदावरी के बारे में रिपोर्ट ली।
विज्ञापन
डीआरओ ने 15 मई के बाद गांव की दोबारा गिरदावरी का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। नरवाल ने कहा कि पहले उनको ये बताया गया कि गिरदावरी हो गई है। लेकिन मुआवजे की लिस्ट में आसन के किसी किसान का नाम ही नहीं है, जबकि यहां पर सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई है।
विज्ञापन
तकरीबन 40 एकड़ में 100 फीसदी बर्बाद फसल तो अभी भी गिरदावरी के इंतजार में खड़ी है। अंग बेचने की अनुमति मांगने वाले किसानों में खुद सत्यवान नरवाल, रणबीर सिंह, देवेंद्र, कृष्ण मलिक, जयभगवान आर्य, रामपाल, कुलदीप, रणबीर कुंडू, कर्मवीर सिंह, बलविंद्र सिंह और सज्जन सिंह शामिल हैं।