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Farmer Protest: सुबह दिखा जोश... दिल्ली कूच न करने पर युवा नाराज; पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने रोका
Thu, 22 Feb 2024 12:29 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 22 Feb 2024 12:29 PM IST
सार
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आठ दिनों से शंभू और खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर डटे किसानों ने बुधवार सुबह दिल्ली कूच का प्रयास किया। जवाब में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले बरसाए और रबड़ की गोलियां भी चलाईं।
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Farmers Protest
- फोटो : PTI
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विस्तार
शंभू सीमा पर बुधवार को किसान आंदोलन में दिनभर टकराव की स्थिति नजर आई। युवाओं में जोश था कि आज बैरिकेड तोड़कर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। मगर दिनभर प्रदर्शनकारियों को पुलिस के आंसू गैस के गोलों का प्रहार सहना पड़ा।
इधर बार-बार मंच से मोर्चे पर डटे किसानों को समझाया जा रहा था कि यूनियन नेताओं के निर्देशों का इंतजार करें तब तक शांति रखें। इस बीच किसानों को वार्ता के लिए भी बुलाया गया। मगर जैसे-जैसे समय बीतता रहा, युवा किसानों का सब्र टूट रहा था।
इसके बाद शाम को चार बजे युवा प्रदर्शनकारी मंच के पास पहुंचे और जत्थेदारों से पोकलेन मशीन आगे ले जाने के लिए कहा, मगर जब जत्थेदारों के मना करने पर युवाओं में नाराजगी दिखी।
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किसान नेता हाथ जोड़कर युवाओं से शांत रहने की अपील कर रहे थे, मगर युवा मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जब बेरिकेड्स नहीं तोड़ने थे तो मशीनें क्यों मंगाई।
इसके बाद शाम को सरवन सिंह पंधेर मंच पर आए और उन्होंने खनौरी बॉर्डर के हालात बताते हुए युवाओं से शांति रखने की अपील की। युवा नहीं माने और उनकी बात भी नहीं सुनी। इसके बाद किसान नेता नाम जाप करने लगे तो युवा दूसरी तरफ जाकर आपस में चर्चा करते दिखाई दिए।
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इधर बार-बार मंच से मोर्चे पर डटे किसानों को समझाया जा रहा था कि यूनियन नेताओं के निर्देशों का इंतजार करें तब तक शांति रखें। इस बीच किसानों को वार्ता के लिए भी बुलाया गया। मगर जैसे-जैसे समय बीतता रहा, युवा किसानों का सब्र टूट रहा था।
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इसके बाद शाम को चार बजे युवा प्रदर्शनकारी मंच के पास पहुंचे और जत्थेदारों से पोकलेन मशीन आगे ले जाने के लिए कहा, मगर जब जत्थेदारों के मना करने पर युवाओं में नाराजगी दिखी।
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किसान नेता हाथ जोड़कर युवाओं से शांत रहने की अपील कर रहे थे, मगर युवा मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि जब बेरिकेड्स नहीं तोड़ने थे तो मशीनें क्यों मंगाई।
इसके बाद शाम को सरवन सिंह पंधेर मंच पर आए और उन्होंने खनौरी बॉर्डर के हालात बताते हुए युवाओं से शांति रखने की अपील की। युवा नहीं माने और उनकी बात भी नहीं सुनी। इसके बाद किसान नेता नाम जाप करने लगे तो युवा दूसरी तरफ जाकर आपस में चर्चा करते दिखाई दिए।
मोर्चे पर पहले से थी अधिक भीड़
शंभू सीमा पर बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। जैसा कि दिल्ली कूच की तैयारियों के लिए यूनियन नेताओं ने आह्वान किया था ठीक वैसे ही मोर्चे पर डटे रहने के लिए प्रदर्शनकारी किसान आंखों पर चश्मे, मुंह पर अत्याधुनिक मास्क, कानों पर हेडफोन लगाकर आए थे।
शंभू सीमा पर बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। जैसा कि दिल्ली कूच की तैयारियों के लिए यूनियन नेताओं ने आह्वान किया था ठीक वैसे ही मोर्चे पर डटे रहने के लिए प्रदर्शनकारी किसान आंखों पर चश्मे, मुंह पर अत्याधुनिक मास्क, कानों पर हेडफोन लगाकर आए थे।
मगर जब-जब पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तब-तब भीड़ अधिक होने के कारण प्रदर्शनकारी एक साथ पीछे भागते और इस बीच आंसू गैस से उनका सांस लेना मुश्किल हो जाता। हालांकि आंसू गैस के गोलों का प्रभाव कम करने को प्रदर्शनकारी पंखे और स्प्रिंकलर का प्रयोग भी कर रहे थे।
इस भाग दौड़ में आधा दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। किसी के सिर पर चोट लगी तो किसी के कान के पास चोट आई। ऐसे घायलों काे मौके पर भी चिकित्सा शिविर में उपचार दिया जा रहा था।
शंभु बॉर्डर पर पुलिस व अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने रोका दिल्ली कूच
प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से पंजाब से दिल्ली कूच की बुधवार को घोषणा पर शंभू बॉर्डर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने दिल्ली कूच से रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया तो मौके पर तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें पीछे हटाने का काम किया। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से किसानों के पंजाब से दिल्ली कूच के चलते शंभू बॉर्डर पर शुरू से ही पुख्ता प्रबंध किए हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से पंजाब से दिल्ली कूच की बुधवार को घोषणा पर शंभू बॉर्डर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने दिल्ली कूच से रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया तो मौके पर तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें पीछे हटाने का काम किया। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से किसानों के पंजाब से दिल्ली कूच के चलते शंभू बॉर्डर पर शुरू से ही पुख्ता प्रबंध किए हैं।
आशंका थी कि प्रदर्शनकारी बेरिकेड तोड़ने का काम करेंगे, लेकन ऐसा नहीं किया गया। जिले में कानून और शांति कायम है। आईजी शिबास कविराज, उपायुक्त डॉ. शालीन और एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा नजर रख रहे हैं।