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चंडीगढ़ में सिंदूर उत्सव: कालीबाड़ी और बंग भवन में भव्य कार्यक्रम, महिलाओं ने खेली सिंदूर की होली
Sun, 13 Oct 2024 01:21 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 13 Oct 2024 01:21 PM IST
सार
चंडीगढ़ में रविवार को दुर्गा पूजा के समापन अवसर पर सेक्टर-35 बंग भवन और कालीबाड़ी माता मंदिर में सिंदूर उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और सिंदूर की होली खेली।
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सेक्टर-35 स्थित बंग भवन में सिंदूर उत्सव कार्यक्रम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में दुर्गा पूजा के समापन को लेकर जगह-जगह कार्यक्रम चल रहे हैं। शहर के कालीबाड़ी मंदिर और सेक्टर-35 स्थित बंग भवन में चल रही दुर्गा पूजा का रविवार को समापन हो गया। दोनों जगह पर महिलाओं ने सिंदूर उत्सव मनाया।
इस सिंदूर उत्सव में महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। सिंदूर सुहाग का प्रतीक माना जाता है। कालीबाड़ी और बंग भवन में सिंदूर खेला के अवसर पर ऐसा लग रहा था जैसे होली का त्योहार हो। सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा की विदाई हुई।
इस दौरान महिलाएं बंगाल के प्रसिद्ध वाद्य यंत्र ढाक की थाप पर नृत्य भी किया। सिंदूर उत्सव के बाद माता का विसर्जन हुआ। कालीबाड़ी के अध्यक्ष प्रणव सेन ने बताया कि माह षष्टी से लेकर नवमी तक प्रतिदिन मां की पूजा हुई। इस दौरान चंडी पाठ हुआ हर रोज पुष्पांजलि हुई। महाभोग के साथ शाम में संध्या आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूजा के दौरान चंडीगढ़ के अलावा पंचकूला और मोहाली सहित दूर दूर से लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
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इस सिंदूर उत्सव में महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। सिंदूर सुहाग का प्रतीक माना जाता है। कालीबाड़ी और बंग भवन में सिंदूर खेला के अवसर पर ऐसा लग रहा था जैसे होली का त्योहार हो। सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा की विदाई हुई।
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इस दौरान महिलाएं बंगाल के प्रसिद्ध वाद्य यंत्र ढाक की थाप पर नृत्य भी किया। सिंदूर उत्सव के बाद माता का विसर्जन हुआ। कालीबाड़ी के अध्यक्ष प्रणव सेन ने बताया कि माह षष्टी से लेकर नवमी तक प्रतिदिन मां की पूजा हुई। इस दौरान चंडी पाठ हुआ हर रोज पुष्पांजलि हुई। महाभोग के साथ शाम में संध्या आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूजा के दौरान चंडीगढ़ के अलावा पंचकूला और मोहाली सहित दूर दूर से लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
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