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बाल शोषण को रोकने के लिए परिवार, समाज और देश संयुक्त रूप से करे सुधार : संधवा
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चंडीगढ़। बाल उत्पीड़न के खिलाफ जागरुकता और बच्चों के अधिकारों को लेकर शनिवार को पीजीआई में दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधावा ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है। बच्चों का विकास केवल परिवार ही नहीं बल्कि देश का भी भविष्य है। बाल शोषण रोकने के लिए परिवार, समाज और देश को संयुक्त रूप से काम करना होगा। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि अभिभावक बच्चों द्वारा इंटरनेट पर व्यतीत किए गए समय का फीडबैक जरूर लें ताकि उनकी हर गतिविधि पर नजर रहे।
संधावा ने कहा कि विश्व में सबसे ज्यादा युवा भारत में हैं। ऐसे में हमें बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से लेनी होगी। उनकी परवरिश में कोई कमी के चलते उनका शोषण हो रहा तो सीधे मायने में यह देश का शोषण है। पीजीआई में इस कार्यशाला का आयोजन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियंस (एओपी), चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर), मोहाली स्थित साहिबजादा एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (सेप) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिशियंस ने संयुक्त रूप से किया।
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पुलिस से बोले संधावा, दस बच्चों का जीवन संवारें, हम सम्मानित करेंगे
कार्यक्रम में विभिन्न शहरों से पुलिसकर्मी भी पहुंचे थे। विधानसभा स्पीकर ने उनसे कहा कि अपने जिले में कम से कम 10 स्ट्रीट चिल्ड्रेन का जीवन बदलें, हम विधानसभा में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम की चेयरपर्सन पीजीआई स्थित पीडियाट्रिशियंस विभाग की डॉ. कन्या मुखोपाध्याय और सचिव जतिंदर शर्मा ने बताया कि ‘वर्किंग टुगेदर फॉर चाइल्ड्स राइट्स एंड प्रोटेक्शन’ नामक इस कान्फ्रेंस में देश-विदेश के स्टेक होल्डर्स जुड़कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बच्चों और किशोरों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं के बीच उन्हें जागरूक करने वाले ऐसे प्लेटफार्म सार्थक साबित होंगे।
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पुलिस सामाजिक उत्थान में निभा सकती है भूमिका : गुरप्रीत देयो
कार्यक्रम में पहुंचीं पंजाब पुलिस की अतिरिक्त डीजीपी (कम्युनिटी अफेयर्स) गुरप्रीत दियो ने कहा कि पुलिस सामाजिक उत्थान में अहम भूमिका निभा सकती है। प्रदेश के थानों में गठित चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर से बच्चों के प्रति अपराध रोकने में सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि पुलिस को अपनी पारंपरिक भूमिका के साथ ‘सेंसेटिव पुलिसिंग’ की भी जरूरत हैं। इस अवसर पर सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने गुड पेरेटिंग का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों को संभालना उन्हें सशक्त करने की पहली सीढ़ी है। इसके लिए अभिभावकों को ही नहीं बल्कि घर के बाहर शिक्षकों को भी एक सहज व्यवहार से पेश आना चाहिए।
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मोबाइल व इंटरनेट बच्चों को कर रहे प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान साइबर बुलिंग पर चर्चा करते हुए डॉ. छाया प्रसाद ने कहा कि बच्चों में अब मोबाइल और इंटरनेट का प्रचलन काफी बढ़ गया है। इससे उनका व्यवहार काफी उत्तेजित हो गया है। उन्होंने सुझाया कि अभिभावक अपने बच्चों से इंटरनेट पर गुजरे समय का फीडबैक अवश्य लें। साथ ही वह अपने बच्चों के साथ क्वालिटी समय भी व्यतीत करें। अंत में ऐसोसियेशन के पैटर्न और पीजीआई के पूर्व निदेशक बीएनस वालिया ने गुड पेरेटिंग के टिप्स भी दिए।
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सुखना लेक पर वॉकाथॉन
बाल दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार सुबह सुखना लेक पर एक वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। आयोजक डॉ. जतिंदर शर्मा ने बताया कि इस वॉकाथॉन को आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों को बाल उत्पीड़न के खिलाफ और उनके अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। वॉकाथान में विभिन्न स्कूलों के बच्चों के साथ पीजीआई के डॉक्टर, पीयू स्टूडेंट्स और कई बाल विकास में प्रयासरत शहर की सामाजिक संस्था के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. जतिंदर शर्मा व अन्य डॉक्टरों ने बच्चों को गुड टच, बैड टच के साथ साथ कानूनी अधिकारों के बारे में बताया।
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संधावा ने कहा कि विश्व में सबसे ज्यादा युवा भारत में हैं। ऐसे में हमें बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से लेनी होगी। उनकी परवरिश में कोई कमी के चलते उनका शोषण हो रहा तो सीधे मायने में यह देश का शोषण है। पीजीआई में इस कार्यशाला का आयोजन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियंस (एओपी), चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर), मोहाली स्थित साहिबजादा एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (सेप) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिशियंस ने संयुक्त रूप से किया।
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पुलिस से बोले संधावा, दस बच्चों का जीवन संवारें, हम सम्मानित करेंगे
कार्यक्रम में विभिन्न शहरों से पुलिसकर्मी भी पहुंचे थे। विधानसभा स्पीकर ने उनसे कहा कि अपने जिले में कम से कम 10 स्ट्रीट चिल्ड्रेन का जीवन बदलें, हम विधानसभा में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम की चेयरपर्सन पीजीआई स्थित पीडियाट्रिशियंस विभाग की डॉ. कन्या मुखोपाध्याय और सचिव जतिंदर शर्मा ने बताया कि ‘वर्किंग टुगेदर फॉर चाइल्ड्स राइट्स एंड प्रोटेक्शन’ नामक इस कान्फ्रेंस में देश-विदेश के स्टेक होल्डर्स जुड़कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बच्चों और किशोरों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं के बीच उन्हें जागरूक करने वाले ऐसे प्लेटफार्म सार्थक साबित होंगे।
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पुलिस सामाजिक उत्थान में निभा सकती है भूमिका : गुरप्रीत देयो
कार्यक्रम में पहुंचीं पंजाब पुलिस की अतिरिक्त डीजीपी (कम्युनिटी अफेयर्स) गुरप्रीत दियो ने कहा कि पुलिस सामाजिक उत्थान में अहम भूमिका निभा सकती है। प्रदेश के थानों में गठित चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर से बच्चों के प्रति अपराध रोकने में सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि पुलिस को अपनी पारंपरिक भूमिका के साथ ‘सेंसेटिव पुलिसिंग’ की भी जरूरत हैं। इस अवसर पर सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने गुड पेरेटिंग का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों को संभालना उन्हें सशक्त करने की पहली सीढ़ी है। इसके लिए अभिभावकों को ही नहीं बल्कि घर के बाहर शिक्षकों को भी एक सहज व्यवहार से पेश आना चाहिए।
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मोबाइल व इंटरनेट बच्चों को कर रहे प्रभावित
कार्यक्रम के दौरान साइबर बुलिंग पर चर्चा करते हुए डॉ. छाया प्रसाद ने कहा कि बच्चों में अब मोबाइल और इंटरनेट का प्रचलन काफी बढ़ गया है। इससे उनका व्यवहार काफी उत्तेजित हो गया है। उन्होंने सुझाया कि अभिभावक अपने बच्चों से इंटरनेट पर गुजरे समय का फीडबैक अवश्य लें। साथ ही वह अपने बच्चों के साथ क्वालिटी समय भी व्यतीत करें। अंत में ऐसोसियेशन के पैटर्न और पीजीआई के पूर्व निदेशक बीएनस वालिया ने गुड पेरेटिंग के टिप्स भी दिए।
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सुखना लेक पर वॉकाथॉन
बाल दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार सुबह सुखना लेक पर एक वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। आयोजक डॉ. जतिंदर शर्मा ने बताया कि इस वॉकाथॉन को आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों को बाल उत्पीड़न के खिलाफ और उनके अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। वॉकाथान में विभिन्न स्कूलों के बच्चों के साथ पीजीआई के डॉक्टर, पीयू स्टूडेंट्स और कई बाल विकास में प्रयासरत शहर की सामाजिक संस्था के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. जतिंदर शर्मा व अन्य डॉक्टरों ने बच्चों को गुड टच, बैड टच के साथ साथ कानूनी अधिकारों के बारे में बताया।