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Hindi News ›   Chandigarh ›   Falsification of wrestlers for job in sports department first time in Haryana

हरियाणा में पहली बार पहलवानों का खेल विभाग में नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा, ऐसे हुआ खुलासा

Fri, 07 Feb 2020 02:43 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 07 Feb 2020 02:43 AM IST
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Falsification of wrestlers for job in sports department first time in Haryana
सांकेतिक तस्वीर।

पहलवानों के नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा करने के मामले अभी तक केवल सेना में सामने आए थे। लेकिन अब हरियाणा खेल विभाग में नौकरी के लिए भी पहलवानों ने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है, जिसका यहां पहला मामला सामने आया है। एक महिला पहलवान ने नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर खेल विभाग में नौकरी के लिए आवेदन कर दिया। 

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भारतीय कुश्ती संघ से प्रमाण पत्र की जांच कराने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। इससे पहले यूपी व राजस्थान के पहलवानों ने सेना में नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा किया था जो अभी तक चल रहा है। इस तरह के फर्जीवाड़े को देखते हुए ही खेल विभाग ने फैसला लिया है कि हर प्रमाण पत्र की भारतीय कुश्ती संघ से जांच कराई जाएगी और किसी को जांच के बिना नौकरी नहीं मिलेगी। 
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सरकार ने जिस तरह से नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए कोटा तय किया हुआ है, उस खेल कोटे से नौकरी लेने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। जिसके लिए राष्ट्रीय खेलों के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे हैं और इनमें भी सबसे ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्र ऐसे पहलवान बनवा रहे हैं जो प्रदेश स्तर तक खेल चुके हैं। क्योंकि प्रदेश स्तर तक खेलने के बाद वह नेशनल तक नहीं पहुंच सके और नौकरी में नेशनल चैंपियनशिप में खेलना जरूरी होता है। 

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भारतीय कुश्ती संघ की पकड़ में अभी तक यूपी व राजस्थान के पहलवान ही फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़ में आए थे। लेकिन अब हरियाणा में ऐसे फर्जीवाड़े का पहला मामला सामने आया है और इसमें भी फर्जीवाड़ा करने वाली महिला पहलवान है। हरियाणा खेल विभाग में नौकरी के लिए दीप्ति सिंह ने आवेदन करते हुए अपना दिल्ली में 2015 में हुई नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में पंजाब की ओर से 61 किलो भार वर्ग में खेलने का प्रमाण पत्र लगाया। जिसे जांच के लिए भारतीय कुश्ती संघ के पास भेजा गया तो वहां से पता चला कि दीप्ति सिंह ने यह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया है। 

भारतीय कुश्ती संघ ने साफ कर दिया कि किसी दीप्ति सिंह ने 2015 में नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ही नहीं लिया है। वहीं इस तरह का मामला हरियाणा में सामने आने पर खेल विभाग ने भारतीय कुश्ती संघ से सभी प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिए कहा है, जिससे फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे कोई नौकरी नहीं ले सके। किसी को खेल कोटे से नौकरी मिलती है तो उसके पहले खेल के प्रमाण पत्र की जांच कराई जाएगी और उसके बाद ही उसे ज्वाइन कराया जाएगा। जबकि अभी तक शपथ पत्र लेने के बाद भी ज्वाइन करा लिया जाता था और प्रमाण पत्र की जांच बाद में करा दी जाती थी। 

हमारे पास नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के प्रमाण पत्र हरियाणा खेल विभाग की ओर से जांच के लिए आए थे, जिनमें से अभी एक प्रमाण पत्र जांच के दौरान फर्जी मिला है। अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है उसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी। -विनोद तोमर, ज्वाइंट सेक्रेटरी भारतीय कुश्ती संघ

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