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सोशल मीडिया पर सेना और अधिकारियों की छवि खराब करने की साजिश, फर्जी स्टडी रिपोर्ट वायरल

Tue, 25 Aug 2020 10:34 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 25 Aug 2020 10:34 AM IST
सार

  • दबाव में बताए जा रहे सैन्य अधिकारी, डीआरडीओ ने सिरे से किया खारिज,
  • कहा- ऐसी कोई स्टडी नहीं हुई कभी, सेना भी नहीं रखती रिपोर्ट से इत्तेफ़ाक
  • रक्षा विशेषज्ञों का मानना, साजिश का मकसद युवाओं का सेना से मोहभंग करना

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Fake Study Report Viral on Social Media Regarding Indian Army
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

दुश्मनों द्वारा भारतीय सेना को बदनाम करने की साजिशें रची जा रही हैं। इसी कड़ी में देश विरोधी तत्वों ने एक बार फिर सेना को निशाने पर लिया है। सैन्य अफसरों को केंद्रित करते हुए एक फर्जी वीडियो क्लिप तैयार करके उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। इसमें बताया गया है कि सेना के अफसर बहुत ज्यादा दबाव में हैं।
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वायरल हुई इस फर्जी क्लिप में बताया गया है कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की विशेष विंग डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ साइक्लोजिकल रिसर्च ने सैन्य अधिकारियों पर एक स्टडी सर्वे किया है, जिसके तहत भारतीय सेना में तैनात सैन्य अफसरों के तनाव में होने के कारणों पर काम किया गया है।
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फर्जी वायरल रिपोर्ट में डीआरडीओ की इस विशेष विंग द्वारा किए गए स्टडी सर्वे में सैन्य अफसरों को बहुत ज्यादा दबाव में बताते हुए उनके कारणों का उल्लेख किया गया है। इस फर्जी स्टडी को देश विरोधी तत्व सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल कर रहे हैं।
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डीआरडीओ ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज किया

सैन्य सूत्रों ने बताया कि इस तरह के स्टडी परिणामों से न तो भारतीय सेना इत्तेफाक रख रही है और न ही सर्वे करने वाली डीआरडीओ। बाकायदा डीआरडीओ ने तो इसे सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर आर्मी अफसरों के दबाव में होने के कारणों पर आधारित जो रिपोर्ट दिखाई जा रही है, वह गलत है।

उस तरह के परिणाम डीआरडीओ के डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ साइक्लोजिकल रिसर्च की किसी भी स्टडी रिपोर्ट में सामने नहीं आए हैं। उधर, रक्षा विशेषज्ञ अतर सिंह मुल्तानी व खुशबीर सिंह दत्त का मानना है कि देश विरोधी तत्वों की इस तरह की साजिश का मकसद युवाओं का किसी भी तरह से सेना से मोहभंग करना है।

उनके अनुसार दुश्मन कभी नहीं चाहता कि हमारी युवा पीढ़ी का रुझान दुनिया में मजबूती के साथ उभरती इंडियन आर्म्ड फोर्स की ओर बढ़े। लिहाजा देश विरोधी ताकतें इस तरह के हथकंडे अपनाती रहती हैं।

15 अगस्त को लेकर भी खराब की गई सेना की छवि

इतना ही नहीं 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर भी सेना की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। सोशल मीडिया पर पुरानी फोटो वायरल करके बताया गया कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में सेना ने विभिन्न मिलिट्री स्टेशनों पर बहुत ज्यादा जवानों व अफसरों की भीड़ एकत्रित की। ऐसा करके जवानों और अफसरों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला गया।

इस वायरल तस्वीर पर भी भारतीय सेना ने साफ किया है कि मिलिट्री स्टेशनों पर स्वतंत्रता दिवस पर जवानों और अफसरों को कोई जमावड़ा नहीं किया गया। यह असत्य है। जबकि सेना के सभी मिलिट्री स्टेशनों व सैन्य यूनिटों में कोविड-19 के मद्देनजर तमाम प्रोटोकॉल व नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
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