अमृतसर में पकड़ी गई नकली घी की फैक्ट्री, 5 हजार किलो पॉम ऑयल और मक्खन भी बरामद
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फूड सेफ्टी विभाग व अमृतसर पुलिस ने छेहरटा में एक फैक्ट्री पर छापा मार कर पॉम ऑयल से नकली देसी घी और मक्खन तैयार करने का भंडाफोड़ किया। छापामारी के दौरान 5000 किलोग्राम पॉम ऑयल, 1600 किलोग्राम नकली मक्खन, 200 लीटर आर्टिफिशियल बीआर और एक लाख बॉक्स व तरह—तरह के केमिकल्स बरामद किए गए।
पुलिस ने फैक्ट्री मालिक कुलबीर सिंह को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है। फूड सेफ्टी विभाग ने सारा माल जब्त कर फैक्ट्री सील कर दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि इस फैक्ट्री में पॉम आयल में बीआर केमिकल मिलाकर आर्टिफिशियल ढंग से देसी घी और मक्खन तैयार किया जाता था। लंबे समय से मिलावट का यह खेल चल रहा था।
थाना छेहरटा पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक रुकने के बजाय वहां से निकल गया। पुलिस ने इसका पीछा किया और मॉडल कॉलोनी पहुंची। जैसे ही ट्रक मॉडल कॉलोनी स्थित फैक्ट्री के बाहर रुका, पुलिस ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक ट्रक भगाकर निकल गया।
इसके बाद पुलिस ने फैक्ट्री का मुआयना किया तो देसी घी व मक्खन के पैकेट दिखाई दिए। पुलिस ने फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया को फोन किया। इसके बाद टीम यहां पहुंच गई। जानकारी के अनुसार नकली घी व मक्खन को असली साबित करने के लिए फैक्ट्री संचालक पॉम ऑयल में आर्टिफिशियल बीआर मिलाते थे।
शुद्ध देसी घी में प्राकृतिक रूप से बीआर का लेवल 30 होना चाहिए। इस लेवल को बरकरार रखने के लिए फैक्ट्री संचालक बाजार में बिकने वाले हानिकारक बीआर का प्रयोग पॉम ऑयल में कर रहे थे। देखने और खाने में यह घी शुद्ध ही लगता था, पर इसके लगातार सेवन से इंसान की जान तक जा सकती है। 50 रुपये किलो पॉम ऑयल से बनता था 450 किलो का देसी घी महज पचास रुपये किलो मिलने वाले पॉम ऑयल में तरह—तरह के केमिकल्स मिलाकर 450 रुपये किलो देसी घी के रूप में बेचा जा रहा था।
फैक्ट्री में पॉम ऑयल व बीआर को गर्म करके इसमें तरह-तरह के केमिकल्स डालकर देसी घी व मक्खन तैयार किया जाता था। देसी घी को बड़े—बड़े पीपों में पैक किया जाता, जबकि मक्खन को गत्ते के डिब्बों में डालकर बाजार में भेजा जा रहा था। पॉम ऑयल ठीक उसी तरह जमी हुई अवस्था में होता है जैसे डालडा घी। इससे तैयार होने वाले घी व मक्खन के सेवन से किडनी, गुर्दे, दिल की बीमारियों के साथ-साथ इंसान की याददाश्त भी कमजोर हो सकती है।
इस फैक्ट्री में तैयार होने वाला सामान पंजाब भर में सप्लाई होता था। विभाग ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। साथ ही देसी घी, मक्खन व पॉम ऑयल के सैंपल भरकर जांच के लिए लेबोरेट्री में भेजे हैं।