फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   petition of wife of former soldier seeking special government benefits rejected by High Court

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: लंबे समय तक अधिकारों पर चुप्पी साधे रहने वालों को असाधारण राहत नहीं दी जा सकती

Tue, 17 Jun 2025 08:15 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 17 Jun 2025 08:15 PM IST
सार

सुरिंदर पाल कौर ने याचिका दाखिल करते हुए पंजाब सरकार को निर्देश देने की मांग की थी कि उनके दिवंगत पति की ओर से दो राष्ट्रीय आपात स्थितियों (युद्ध काल) के दौरान की गई सैन्य सेवा के लिए उन्हें विशेष लाभ दिए जाएं। 
 

विज्ञापन
petition of wife of former soldier seeking special government benefits rejected by High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व सैनिक की पत्नी की विशेष सरकारी लाभ की मांग वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जो व्यक्ति लंबे समय तक अपने अधिकारों पर चुप्पी साधे रहते हैं या देर से अदालत की शरण में आते हैं, उन्हें न्यायालयों से असाधारण राहत नहीं मिलनी चाहिए। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि देरी न्याय प्राप्ति की आशा को क्षीण कर देती है। सुरिंदर पाल कौर ने याचिका दाखिल करते हुए पंजाब सरकार को निर्देश देने की मांग की थी कि उनके दिवंगत पति की ओर से दो राष्ट्रीय आपात स्थितियों (युद्ध काल) के दौरान की गई सैन्य सेवा के लिए उन्हें विशेष लाभ दिए जाएं। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता ने याचिका 20 वर्षों की देरी से दाखिल की है और यह मामला देरी और निष्क्रियता के सिद्धांत से प्रभावित है। कोर्ट ने कहा कि अनेक बार अधिकारियों को पत्र लिखने मात्र से कोई नया अधिकार उत्पन्न नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ता के पति ने 27 नवंबर, 1964 को सेना में हवलदार के पद पर सेवा आरंभ की थी और 19 नवंबर, 1985 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने 1 जून, 1989 को पंजाब पुलिस में सेवा ज्वाइन की। 31 जुलाई, 2004 को वह एएसआई पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी 13 नवंबर, 2010 को मृत्यु हो गई थी। सुरिंदर पाल कौर ने 8 अप्रैल, 2021 को राज्य सरकार को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें उन्होंने दोहरी पेंशन के साथ-साथ युद्ध काल के दौरान की गई सेवा के लिए विशेष लाभों की मांग की। 


राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता को दोहरी पेंशन का लाभ तो प्रदान कर दिया, लेकिन सैन्य सेवा के विशेष लाभों की मांग को अस्वीकार कर दिया। याची ने वर्ष 2024 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जब उनके पति को पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए भी दो दशक बीत चुके थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed