Punjab News: मोहाली में क्लोरीन गैस सिलिंडर में धमाका, बेसुध होकर गिरने लगे लोग, 20 को पहुंचाया गया अस्पताल
बेसुध लोगों को तुरंत लालड़ू के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। लोगों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में दोपहर बाद सुविधा नहीं मिलने की वजह से तुरंत सभी को डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया।
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पंजाब के मोहाली जिले के लालड़ू की चौंदहेड़ी कॉलोनी में एक ट्यूबवेल के कमरे में रखे क्लोरीन गैस सिलिंडर में अचानक धमाका हो गया। आसपास रहने वाले करीब 20 लोग गैस की चपेट में आए। ग्रामीणों ने तुरंत सभी को डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें एक गर्भवती महिला और तीन साल की बच्ची की हालत नाजुक है। उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे।
कॉलोनी निवासी मोनिका, हरदीप कौर और इतवारी ने बताया कि दोपहर बाद अचानक वाटर टंकी घर से गैस लीक होने पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते टंकी के आसपास रहने वाले लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इससे पहले वह मामले को समझे पाते कि बहुत से बच्चे, औरतें और बुजुर्ग बेसुध होने लगे। हवा का रुख मकानों की ओर होने की वजह से गैस का असर आसपास के लोगों में ज्यादा हुआ।
बेसुध लोगों को तुरंत लालड़ू के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। लोगों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में दोपहर बाद सुविधा नहीं मिलने की वजह से तुरंत सभी को डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया।
सरकारी अस्पताल में ट्यूबवेल ऑपरेटर संदीप कुमार, कमला पत्नी हिम्मती, जासीन पुत्री मुंडु, एडविन पुत्र मार्टिन, मोहित कुमार पुत्र काका राम, प्रिया पुत्री सोहराई, फूलमती, अंकित, रुबल देवी, हरप्रीत सिंह, सीमा पत्नी अशोक कुमार, हुसनप्रीत कौर को तुरंत उपचार दिया गया। इनमें से सीमा व प्रिया को जीएमसीएच-32 रेफर किया गया है।
घास हुई पीली, मवेशियों की आंखों से निकला पीला झाग
ग्रामीणों ने बताया कि गैस के कारण आसपास के सभी पेड़ मुरझा गए और चारों ओर पेड़-पौधों व घास पीली पड़ गई। गैस जहरीली थी जिसकी चपेट में मवेशी भी आ गए। मवेशियों की आंख और नाक से पीले रंग का झाग निकल रहा है।
कई साल से लावारिस पड़ा था सिलिंडर
ठेकेदार के पास कार्यरत ट्यूबवेल ऑपरेटर संदीप ने बताया कि क्लोरीन गैस का सिलिंडर करीब सात-आठ साल से इसी तरह लावारिस पड़ा था। सोमवार को करीब तीन बजे अचानक सिलिंडर में धमाका हुआ। चारों तरफ सफेद धुआं फैल गया। गैस की चपेट में आने से बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों का अचानक दम घुटने लगा, आंखों में जलन होने लगी। वह खुद भी इसकी चपेट में आया। वह अपनी कार में छह लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचा।

दमकल विभाग ने खुले में ही छोड़ा सिलिंडर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग की टीम ने सिलिंडर को खुले में ही छोड़ दिया है जबकि सिलिंडर का काफी भाग खुला है। इससे दोबारा गैस का रिसाव होने का डर सता रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि पुराना जंग खाया सिलिंडर पिछले कई वर्षों से यहां पड़ा है। समय रहते इसे यहां से क्यों नहीं हटाया गया?
कॉलोनी के ट्यूबवेल पर संदीप कुमार की बतौर ऑपरेटर ड्यूटी है। ट्यूबवेल वाले कमरे में काफी सालों से क्लोरीन गैस का सिलिंडर पड़ा था। घुटन महसूस होने पर उसने सिलिंडर बाहर खुले में एक गड्ढे में रख दिया था। बाद में लीकेज हो गई। - गुरबख्शीश सिंह, ईओ, लालड़ू।