जांच रिपोर्ट में खुलासा, प्राइवेट स्कूलों के कैंपस में बिजनेस के अड्डे
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शहर के प्राइवेट स्कूलों के कैंपस में मनमाने तरीके से महंगी किताबें और ड्रेस बेची जा रही हैं। प्राइवेट स्कूलों ने कैंपस को बिजनेस अड्डा बना लिया है। प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा विभाग की जांच कमेटियों की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ ऐसा ही खुलासा हुआ है। जांच कमेटियों की रेड में 2-3 स्कूलों में तो यह सरेआम पाया गया है।
शहर के प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में शामिल करने, कैंपस में बुकशॉप खोलने और महंगे रेट पर ड्रेस बेचने के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से वीरवार को की गई 10 स्कूलों की रेड में कई बड़े खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में कई स्कूलों में बड़े स्तर पर वॉयलेशन और मनमानी की बात सामने आई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारी अभी जांच रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर यूटी प्रशासन प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। दोषी प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग सीबीएसई को इनकी मान्यता और लैंड अलॉटमेंट रद्द करने की सिफारिश करेगा।
यूटी की नई एजुकेशन पॉलिसी का ड्राफ्ट हो रहा तैयार
प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ हजारों अभिभावकों में रोष है। स्कूलों की मनमानी को लेकर छप रही खबरों पर यूटी प्रशासन पूरी गंभीर हो गया है। मामला प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और एडवाइजर परिमल रॉय तक पहुंच चुका है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर अब प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए काफी दबाव है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही यूटी प्रशासन निजी पब्लिशर्स की किताबें, कैंपस में बुकशॉप खोलने और मनमाने ढंग से ड्रेस बेचने पर रोक लगाने की तैयारी में है।
यूटी प्रशासन पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर यूटी की एजुकेशन पॉलिसी को नए सिरे से ड्रॉफ्ट करने की तैयारी में है। जल्द ही इसके लिए प्रशासन एक कमेटी गठित करेगा। इस संबंध में वीरवार को उच्च अधिकारियों की एक मीटिंग भी हुई है। पॉलिसी में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के प्रावधान तैयार किए जाएंगे।
प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ नेशनल कमीशन में शिकायत: शहर के प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने 10वीं बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट से पहले ही नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स चेयरपर्सन को शिकायत दी है। शिकायत चंडीगढ़ के प्राइवेट अन एडेड स्कूल एसोसिएशन चंडीगढ़ के खिलाफ की गई है। चांदगोठिया का आरोप है कि प्राइवेट स्कूल 10वीं का रिज्लट आए बिना कैसे 11वीं में दाखिला दे सकते हैं। प्रोविजनल एडमिशन के नाम पर प्राइवेट स्कूल 50 से 60 हजार एडमिशन फीस ले रहे हैं। एडवोकेट पंकज ने जुलाई से पहले 11वीं में दाखिले पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही 11वीं में सेंट्रलाइज्ड दाखिले की मांग की है।
स्कूल कैंपस में बुकशॉप खोलकर किताबें बेचने पर रोक
प्राइवेट स्कूलों द्वारा स्कूल कैंपस में बुकशॉप खोलकर किताबें बेचने पर रोक लगा दी है। जानकारी अनुसार इस संबंध में शिक्षा सचिव की ओर से सभी प्राइवेट और एडेड स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है। चिट्ठी में कहा है कि प्राइवेट स्कूलों को जमीन सिर्फ एजुकेशनल पर्पज के लिए अलॉट की गई है। शिक्षा सचिव की ओर से अभिभावकों को किसी एक निश्चित बुकशॉप से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
शिक्षा सचिव के साथ लंबी मीटिंग
वीरवार स्कूल कैंपस में बुकशॉप चलाने पर शिक्षा विभाग से नोटिस पाने वाले प्राइवेट स्कूलों में छापामारी की जांच रिपोर्ट पर शिक्षा सचिव और डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के बीच लंबी चर्चा हुई है। पूरे मामले में शिक्षा सचिव को जानकारी दी गई है। जिसे एडवाइजर स्तर तक भेजा जाएगा।
10 स्कूलों ने नहीं दिया जवाब
शहर के 73 प्राइवेट स्कूलों में से 10 स्कूलों ने डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के निर्देश पर भेजे नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इन स्कूलों को 48 घंटे में शोकॉज नोटिस का जवाब देने को कहा था। यूटी प्रशासन इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए मंगलवार तक कोई फैसला लेगा। उधर, 7 एडेड स्कूलों में से एक स्कूल ने शुक्रवार तक नोटिस का जवाब नहीं भेजा है।
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर हायर एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि जांच कमेटियों द्वारा सौंपी रिपोर्ट को जांचा जा रहा है। कुछ स्कूलों में कमियां पाई गई हैं। पूरी रिपोर्ट तैयार होने में अभी कुछ समय लगेगा। मामले में सोमवार को सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ मीटिंग कर सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।
सर्वजीत सिंह बराड़, शिक्षा सचिव चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की जांच रिपोर्ट अभी मैंने नहीं देखी है। सोमवार को ही मामले में कुछ कह पाउंगा। डीएसई को प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों और पेरेंट्स का पक्ष सुनने के लिए कहा गया है।