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मौत की तस्करी: पंजाब में हर साल होती है दो हजार करोड़ की अवैध शराब की बिक्री
Mon, 03 Aug 2020 10:44 AM IST
ajay kumar
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 03 Aug 2020 10:44 AM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में कच्ची दारू पीने से करीब 100 लोगों की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। एक आंकड़े के अनुसार पंजाब में हर साल शराब माफिया दो हजार करोड़ की अवैध शराब की बिक्री कर रहे हैं और अपना समानांतर कारोबार चला रहे हैं। पंजाब सरकार को मार्च 2017 में शराब से 4406 करोड़ की आमदनी हुई।
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मार्च 2018 में शराब के ठेकों की नीलामी से 5135 करोड़ रुपये सरकारी खाते में आए। 2019 में 6000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था लेकिन आमदनी घटकर 5072 करोड़ रह गई। शिअद भाजपा कार्यकाल के 9 साल में शराब के ठेकों से मिले राजस्व में 170 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। औसतन हर साल आबकारी विभाग को शराब के ठेकों से 12 फीसदी राजस्व बढ़कर मिलता था लेकिन 2019 ऐसा साल था, जहां राजस्व कम हो गया। इसका सीधा कारण पंजाब में अवैध शराब की बिक्री का तेज होना था। यह कारोबार इस साल कर्फ्यू व लॉकडाउन में बढ़ गया।
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जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों में पंजाब में नकली शराब काफी तैयार हुई थी जबकि चंडीगढ़ व अन्य राज्यों से शराब की तस्करी कम हुई है। हरियाण में पंजाब से सस्ती शराब मिलने के कारण शराब तस्करी बढ़ी है, जिससे न केवल पंजाब सरकार को रेवेन्यू का लॉस हुआ, बल्कि शराब ठेके लेने वाले ठेकेदारों को भी करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
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पड़ोसी राज्य से आने वाली शराब को रोकने में पुलिस असफल रही है। मालवा में हरियाणा की शराब अधिक बिकी जबकि दोआबा और माझा में कच्ची शराब माफिया ने अपने पैर पसार लिए हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश व चंडीगढ़ की शराब भी खूब बिकी।
शराब कारोबार से जुड़े जानकारों का कहना है कि जितनी शराब पकड़ी जा रही है, वह लाई जा रही कुल शराब का 50 फीसदी भी नहीं है। पंजाब में अंग्रेजी शराब की जो बोतल 750 रुपये में मिलती है, वही बोतल पड़ोसी राज्यों में ढाई सौ रुपये तक में उपलब्ध है। तस्कर प्रति बोतल सौ-डेढ़ सौ रुपये के मार्जिन रखकर उपभोक्ता को 400 रुपये में अंग्रेजी शराब की बोतल मुहैया करवा रहे हैं। क्वालिटी के मुकाबले में ये शराब बेहतर है और रेट लगभग आधा है। इसमें तस्करों ने नकली शराब बनाकर मिक्स भी किया। राजपुरा व खन्ना में अवैध शराब की फैक्टरियां चल रही थी। जिसमें ब्रांडेड शराब बनाकर सप्लाई की जा रही थी।