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पेक में हर शिक्षक के पास आठ शोधार्थी, हर साल बड़ी गिनती में हो रहे पास
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) से अधिक संख्या में शोधार्थी पासआउट हो रहे हैं। इसका प्रमुख कारण है कि हर शिक्षक के पास आठ-आठ शोधार्थी हैं जो उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। अधिक शोधार्थी निकलेंगे तो यह देश के विकास में काम करेंगे और समाज का भी इन रिसर्च के जरिए विकास होगा।
यूजीसी ने शोधार्थी आवंटन को लेकर दिशा-निर्देश जरूर बनाए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय अपने स्तर से शोधार्थी को गाइड के पास भेजते हैं। पीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर के पास हर साल दो, एसोसिएट प्रोफेसर के पास चार व प्रोफेसर के पास आठ शोधार्थी होते हैं, लेकिन पेक में ऐसा नहीं है। पेक से अधिक से अधिक शोधार्थी निकले, इसके लिए अधिकांश शिक्षकों को आठ-आठ शोधार्थी आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में पेक में लगभग 300 शोधार्थी कार्य कर रहे हैं। पेक की इस व्यवस्था को पीयू के प्रोफेसर सही मान रहे हैं क्योंकि अधिक से अधिक शोध कार्य होने चाहिएं और विद्यार्थियों को रिसर्च का मौका मिलना चाहिए। पेक की योजना है कि वह अपने शोधपत्र बढ़ाएगा। जब शोधपत्र बढ़ेंगे तो उसका प्रभाव रैंकिंग पर होगा और पेक की रैंकिंग बेहतर होगी। ऐसा होने पर फंड आदि सुविधाएं भी अधिक मिलेंगी। पेक निदेशक प्रो. धीरज सांघी कहते हैं कि शोध कार्य तेजी से चल रहा है और शोधार्थी पूरी मेहनत के साथ जुटे हुए हैं।
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यूजीसी ने शोधार्थी आवंटन को लेकर दिशा-निर्देश जरूर बनाए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय अपने स्तर से शोधार्थी को गाइड के पास भेजते हैं। पीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर के पास हर साल दो, एसोसिएट प्रोफेसर के पास चार व प्रोफेसर के पास आठ शोधार्थी होते हैं, लेकिन पेक में ऐसा नहीं है। पेक से अधिक से अधिक शोधार्थी निकले, इसके लिए अधिकांश शिक्षकों को आठ-आठ शोधार्थी आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में पेक में लगभग 300 शोधार्थी कार्य कर रहे हैं। पेक की इस व्यवस्था को पीयू के प्रोफेसर सही मान रहे हैं क्योंकि अधिक से अधिक शोध कार्य होने चाहिएं और विद्यार्थियों को रिसर्च का मौका मिलना चाहिए। पेक की योजना है कि वह अपने शोधपत्र बढ़ाएगा। जब शोधपत्र बढ़ेंगे तो उसका प्रभाव रैंकिंग पर होगा और पेक की रैंकिंग बेहतर होगी। ऐसा होने पर फंड आदि सुविधाएं भी अधिक मिलेंगी। पेक निदेशक प्रो. धीरज सांघी कहते हैं कि शोध कार्य तेजी से चल रहा है और शोधार्थी पूरी मेहनत के साथ जुटे हुए हैं।
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