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हाउसिंह बोर्ड का विवाद गहराया, कार्यकारी अभियंता निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:33 AM IST
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हाउसिंग बोर्ड के सीईओ के घर को कैंप ऑफिस बताते हुए बिजली के बिल का भुगतान सरकारी खजाने से करने के मामले में चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) एसपी सिंह को निलंबित कर दिया है। उनकी जगह राजीव सिंगल को एसई बनाया गया है। इससे पहले सोमवार को एसपी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कार्यकारी अभियंता एसपी सिंह को निलंबित करने के साथ ही चेयरमैन मनिंदर सिंह और सीईओ दीपक कुमार के बीच विवाद और गहराने के आसार बन गए हैं।
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मालूम हो कि हाल ही में सीईओ एसबी दीपक कुमार के सेक्टर-16 स्थित घर के बिजली के बिल (18 हजार रुपये) का भुगतान बोर्ड ने किया है, क्योंकि सीईओ ने अपने घर को कैंप ऑफिस बताया और कार्यकारी अभियंता ने कैंप ऑफिस के आधार पर यह बिल राशि जारी की है। बोर्ड एसपी सिंह के जवाब से संतुष्ट नहीं है। हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन का मानना है कि सीईओ का घर कैंप ऑफिस नहीं है। ऐसे में बिजली बिल का भुगतान सीईओ दीपक कुमार को खुद करना चाहिए था।
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22 लाख रुपये खर्च कर चुके है रेनोवेशन पर
इससे पहले सीईओ डॉ. एसबी दीपक कुमार ने अपने सरकारी घर को कैंप ऑफिस बताकर उसके रनोवेशन और सामान खरीदने पर 22 लाख 94 हजार रुपये की राशि का भुगतान हाउसिंग बोर्ड के सरकारी खजाने से करवा चुके हैं। बोर्ड के चेयरमैन ने इस मामले की जांच भी करवाई थी। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी सीईओ ने इस खर्च का निर्णय अपने स्तर पर लिया। बोर्ड और चेयरमैन से यह खर्च पास नहीं कराया गया है।
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2015 से विवाद, तीन और अधिकारी भी निलंबित हो सकते हैं
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चेयरमैन और सीईओ के बीच विवाद पिछले साल पूर्व सलाहकार विजय देव के कार्यकाल में शुरू हो गया था। उस समय पिछले साल अक्तूबर में सीईओ ने चेयरमैन पर आरोप लगाते हुए सलाहकार विजय देव को शिकायत की थी। दीपक कुमार ने आरोप लगाया था कि चेयरमैन किसी भी निर्णय में उनकी राय नहीं ले रहे हैं।
जरूरी फाइलें भी उनके पास हस्ताक्षर के लिए नहीं आ रही हैं। इसके बाद 22 लाख रुपये की राशि सरकारी घर पर खर्च करने के मामले में चेयरमैन ने जांच करवा दी। उसके कारण विवाद बढ़ता चला गया। सूत्रों का कहना है कि उस समय तत्कालीन सलाहकार विजय देव ने दोनो पक्षों के बीच मामला शांत करवा दिया था लेकिन विजय देव की ट्रांसफर के बाद फिर से विवाद बढ़ गया और अब बिजली बिल रिलीज करने के बाद शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता एसपी सिंह को निलिंबत करने के बाद विवाद और बढ़ गया है। इसी माह बोर्ड की बैठक बुलाई जा रही है ऐसे में विवाद खुलकर भी सामने आ सकता है।
छह अधिकारी पहले ही निलंबित
बोर्ड के चेयरमैन पिछले छह माह में अलग -अलग मामलों में एसई सुनील कुमार, एसडीओ निर्मल कुमार, जेई राजेश कुमार, सीनियर सहायक राजेश सेठी समेत आधा दर्जन अधिकारियों को निलंबित कर चुके हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगले दिनों में तीन और अधिकारियों को भी निलंबित करने के आदेश जारी हो सकते हैं। इन्हें विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश न मानने का आरोपी बताया जा रहा है। उधर, हाउसिंग बोर्ड पहले ही स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है।
जरूरी फाइलें भी उनके पास हस्ताक्षर के लिए नहीं आ रही हैं। इसके बाद 22 लाख रुपये की राशि सरकारी घर पर खर्च करने के मामले में चेयरमैन ने जांच करवा दी। उसके कारण विवाद बढ़ता चला गया। सूत्रों का कहना है कि उस समय तत्कालीन सलाहकार विजय देव ने दोनो पक्षों के बीच मामला शांत करवा दिया था लेकिन विजय देव की ट्रांसफर के बाद फिर से विवाद बढ़ गया और अब बिजली बिल रिलीज करने के बाद शुक्रवार को कार्यकारी अभियंता एसपी सिंह को निलिंबत करने के बाद विवाद और बढ़ गया है। इसी माह बोर्ड की बैठक बुलाई जा रही है ऐसे में विवाद खुलकर भी सामने आ सकता है।
छह अधिकारी पहले ही निलंबित
बोर्ड के चेयरमैन पिछले छह माह में अलग -अलग मामलों में एसई सुनील कुमार, एसडीओ निर्मल कुमार, जेई राजेश कुमार, सीनियर सहायक राजेश सेठी समेत आधा दर्जन अधिकारियों को निलंबित कर चुके हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगले दिनों में तीन और अधिकारियों को भी निलंबित करने के आदेश जारी हो सकते हैं। इन्हें विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश न मानने का आरोपी बताया जा रहा है। उधर, हाउसिंग बोर्ड पहले ही स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है।