90 दिनों के अध्ययन के बाद होगा खुलासा, आखिर कौन घोल रहा चंडीगढ़ की हवा में ‘जहर’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिटी ब्यूटीफुल की हवा को कौन-कौन दूषित कर रहा है, इसका पता 90 दिनों के अध्ययन में चल जाएगा। इसके लिए सर्दी, बरसात और गर्मी तीनों मौसम के एक-एक माह में आठ-आठ घंटों तक हवा की निगरानी रखी जाएगी। इसमें शहर के सभी प्रमुख स्थानों के साथ ही आवासीय, औद्योगिक और खुले स्थानों की हवा पर नियमित निगरानी रखी जाएगी।
आपको बता दें कि हाल ही में हुए परीक्षण के दौरान चंडीगढ़ सहित देश के 100 से अधिक शहरों में पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर में गिरावट का खुलासा हुआ था। इसके बाद केंद्र की ओर से चंडीगढ़ सहित 102 शहरों को स्वच्छ हवा कार्यक्रम में शामिल किया गया था। तब से चंडीगढ़ में लगातार दूषित हवा को शुद्ध करने के प्रयास प्रशासन और चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (सीपीसीसी) के द्वारा किए जा रहे हैं। इसी प्रयास के तहत अब शहर में सर्दी, बरसात और गर्मी के सीजन में 1-1 माह की हवा का सर्वे कराया जाएगा।
इसके लिए प्रत्येक सीजन में 30-30 दिन प्रतिदिन 8-8 घंटे हवा की निगरानी की जाएगी। निगरानी के लिए समय का भी निर्धारण किया गया है। इसमें सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक के तीन अलग-अलग समय में अध्ययन किया जाएगा। वर्ष के तीनों मौसमों में 90 दिनों का आंकड़ा पर्यावरण विभाग को मिल सकेगा। इसके बाद यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि चंडीगढ़ की शुद्ध हवा को कौन दूषित कर रहा है।
पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा
हवा को दूषित करने वाले कारणों को जानने के लिए होने वाले सर्वे में 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (सीपीसीसी) यह पैसा केंद्र के द्वारा स्वच्छ हवा कार्यक्रम के तहत केंद्र के द्वारा चंडीगढ़ को दिए गए 10 करोड़ रुपये में से खर्च किया जाएगा। यूटी प्रशासन के द्वारा भी इसके लिए मंजूरी दे दी गई है।
मौसम के आंकड़े भी होंगे एकत्र
हवा की निगरानी के साथ ही मौसम को लेकर भी आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। सर्वे में चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में मौसम के उतार चढ़ाव को लेकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इस सर्वे में मौसम के साथ ही वाहनों को लेकर भी अध्ययन किया जाएगा।
शुद्ध हवा का तैयार होगा रोडमैप
इस सर्वे का कार्य सीपीसीसी के द्वारा किसी कंपनी या संस्था के द्वारा कराया जाएगा। सर्वे के साथ ही शहर की दूषित हवा को शुद्ध करने के लिए सुझाव भी मांगे जाएंगे। कंपनी इसके लिए सीपीसीसी को हवा को शुद्घ करने के लिए एक रोडमैप भी तैयार करके देगी।