{"_id":"6627687dbb275dd01503b1af","slug":"entry-of-artificial-intelligence-chatgpt-in-chandigarh-politics-2024-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: चंडीगढ़ की राजनीति में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-चैटजीपीटी की एंट्री, खूब हो रहा इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: चंडीगढ़ की राजनीति में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-चैटजीपीटी की एंट्री, खूब हो रहा इस्तेमाल
Tue, 23 Apr 2024 02:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 23 Apr 2024 02:22 PM IST
सार
चंडीगढ़ में प्रचार के लिए भाजपा से लेकर कांग्रेस ने इस बार खास डिजिटल स्ट्रेटजी बनाई है। प्रचार-प्रसार के लिए चुनावी सामग्री तैयार करने में एआई-चैटजीपीटी का इस्तेमाल हो रहा है। चुनाव प्रचार में टेक्नोलॉजी के प्रयोग में भाजपा, कांग्रेस से आगे नजर आ रही है।
विज्ञापन
संजय टंडन और मनीष तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। टेक्नोलॉजी के इस दौर में चुनाव प्रचार भी हाईटेक हो गया है। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से चंडीगढ़ में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग कर जनता को साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा की तरफ से हमारा संजय टंडन अभियान के अंतर्गत लोगों को जोड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी की आईटी टीम की तरफ से एक एआई एल्गोरिदम तैयार किया गया है, जो भाजपा प्रत्याशी संजय टंडन के साथ फोटो खिंचवाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं की फोटो निकालकर उन्हें दे रहा है।
दावा है कि यह एल्गोरिदम 99.2 फीसदी सटीकता के साथ कैप्चर की गई प्रत्येक तस्वीर में व्यक्ति के चेहरे का पता लगा सकता हैं, भले ही व्यक्ति ने धूप का चश्मा या मास्क पहना हो। भाजपा ने इसके लिए वेबसाइट बनाई है और उसमें फेस आइडेंटिफिकेशन एपीआई को शामिल किया है। अगर किसी भी व्यक्ति ने संजय टंडन के साथ किसी भी कार्यक्रम में फोटो खिंचवाई हो और अगर उन्हें वह फोटो चाहिए हो, तो उन्हें बस अपनी एक सेल्फी खींचकर वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। उस सेल्फी के अपलोड करने के बाद नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी। इसके बाद एआई एल्गोरिदम भाजपा के सर्वर में डाले गए हजारों फोटोज में से उस व्यक्ति की संजय टंडन के साथ फोटो निकालकर उन्हें उपलब्ध करा देगा। आसानी से उन सभी फोटो को डाउनलोड कर सकते हैं।
विज्ञापन
तस्वीरें क्रिएट करने से लेकर स्क्रिप्टिंग में एआई का इस्तेमाल
भाजपा के प्रदेश आईटी सेल के प्रभारी मोहिंदर सिंह निराला ने बताया कि इस बार चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत चैट-जीपीटी व अन्य हाइटेक एप का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा रहे। तस्वीरें क्रिएट करने से लेकर स्क्रिप्टिंग में एआई का इस्तेमाल हो रहा है। बताया कि हमारा संजय टंडन अभियान के अंतर्गत एआई से तस्वीरें खोज निकालने के वेबसाइट पर उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना है क्योंकि अक्सर यह समस्या आती थी कि जो भी लोग संजय टंडन के साथ फोटो खिंचवाते हैं, बाद में उन्हें नहीं मिलती थी। इस बार ऐसा न हो इसलिए यह तकनीक अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि इसका बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
कांग्रेस भी प्रचार में वीडियो, डिजिटल पोस्टर का खूब कर रही इस्तेमाल
चुनाव प्रचार में कांग्रेस भी टेक्नोलॉजी का खूब प्रयोग कर रही है। कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर काफी सक्रिय है। वह हर कुछ मिनट बाद पोस्ट कर रहे हैं। वीडियो और फोटो के माध्यम से लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। मनीष तिवारी के हर कार्यक्रम की फोटो और वीडियो ट्विटर पर डाली जा रही है। पार्टी ने शहर के मोबाइल नंबर का डेटाबेस भी तैयार किया है। अब व्यक्तिगत रूप से फोन किया जा रहा है, जिसमें मनीष तिवारी की आवाज में वोट डालने की अपील की जा रही है। तिवारी, संजय टंडन ने आरोपों का भी सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब दे रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा की तरफ से हमारा संजय टंडन अभियान के अंतर्गत लोगों को जोड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी की आईटी टीम की तरफ से एक एआई एल्गोरिदम तैयार किया गया है, जो भाजपा प्रत्याशी संजय टंडन के साथ फोटो खिंचवाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं की फोटो निकालकर उन्हें दे रहा है।
विज्ञापन
दावा है कि यह एल्गोरिदम 99.2 फीसदी सटीकता के साथ कैप्चर की गई प्रत्येक तस्वीर में व्यक्ति के चेहरे का पता लगा सकता हैं, भले ही व्यक्ति ने धूप का चश्मा या मास्क पहना हो। भाजपा ने इसके लिए वेबसाइट बनाई है और उसमें फेस आइडेंटिफिकेशन एपीआई को शामिल किया है। अगर किसी भी व्यक्ति ने संजय टंडन के साथ किसी भी कार्यक्रम में फोटो खिंचवाई हो और अगर उन्हें वह फोटो चाहिए हो, तो उन्हें बस अपनी एक सेल्फी खींचकर वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। उस सेल्फी के अपलोड करने के बाद नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी। इसके बाद एआई एल्गोरिदम भाजपा के सर्वर में डाले गए हजारों फोटोज में से उस व्यक्ति की संजय टंडन के साथ फोटो निकालकर उन्हें उपलब्ध करा देगा। आसानी से उन सभी फोटो को डाउनलोड कर सकते हैं।
विज्ञापन
तस्वीरें क्रिएट करने से लेकर स्क्रिप्टिंग में एआई का इस्तेमाल
भाजपा के प्रदेश आईटी सेल के प्रभारी मोहिंदर सिंह निराला ने बताया कि इस बार चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत चैट-जीपीटी व अन्य हाइटेक एप का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा रहे। तस्वीरें क्रिएट करने से लेकर स्क्रिप्टिंग में एआई का इस्तेमाल हो रहा है। बताया कि हमारा संजय टंडन अभियान के अंतर्गत एआई से तस्वीरें खोज निकालने के वेबसाइट पर उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना है क्योंकि अक्सर यह समस्या आती थी कि जो भी लोग संजय टंडन के साथ फोटो खिंचवाते हैं, बाद में उन्हें नहीं मिलती थी। इस बार ऐसा न हो इसलिए यह तकनीक अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि इसका बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
कांग्रेस भी प्रचार में वीडियो, डिजिटल पोस्टर का खूब कर रही इस्तेमाल
चुनाव प्रचार में कांग्रेस भी टेक्नोलॉजी का खूब प्रयोग कर रही है। कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष तिवारी सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर काफी सक्रिय है। वह हर कुछ मिनट बाद पोस्ट कर रहे हैं। वीडियो और फोटो के माध्यम से लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। मनीष तिवारी के हर कार्यक्रम की फोटो और वीडियो ट्विटर पर डाली जा रही है। पार्टी ने शहर के मोबाइल नंबर का डेटाबेस भी तैयार किया है। अब व्यक्तिगत रूप से फोन किया जा रहा है, जिसमें मनीष तिवारी की आवाज में वोट डालने की अपील की जा रही है। तिवारी, संजय टंडन ने आरोपों का भी सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब दे रहे हैं।