फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Encroachment in biggest furniture market of Chandigarh  

Encroachment in Chandigarh: फर्नीचर मार्केट में मिलीभगत से चल रहा अतिक्रमण का खेल, सैटेलाइट तस्वीरें दे रही गवाहीं 

Mon, 23 May 2022 03:27 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 23 May 2022 03:27 PM IST
सार

2007 में यहां कुछ ही दुकानें थीं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी इसे देखा जा सकता है। 2012 के बाद सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुआ है जो अभी तक जारी है। फ्रंट साइड से दुकानों में ज्यादा बदलाव भले न दिखाई देता हो, लेकिन दुकानों के पीछे से लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है।

विज्ञापन
Encroachment in biggest furniture market of Chandigarh  
फर्नीचर मार्केट की सैटेलाइट से ली गई तस्वीर (अगस्त 2007 और मई 2022)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ की सबसे बड़ी फर्नीचर मार्केट में मिलीभगत से अतिक्रमण का खेल चल रहा है। बाहर से दुकानें भले ही समान दिखाई दे रही हैं, लेकिन दुकानों के पीछे से इन्हें बढ़ाया जा रहा है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें भी इस अतिक्रमण की गवाही दे रही हैं।

विज्ञापन


यूटी प्रशासन पिछले कई दिनों से शहर की कॉलोनियों को तोड़ रहा है। इसके लिए कहा जा रहा है कि ये सभी अवैध हैं और यहां दिन प्रतिदिन अतिक्रमण बढ़ रहा है। हालांकि सिर्फ कालोनियां ही नहीं, शहर की विभिन्न मार्केटों में अतिक्रमण जोरों पर है, लेकिन प्रशासन के अधिकारियों की नजर वहां तक नहीं पहुंच पा रही है। फर्नीचर मार्केट पिछले 15 साल में पूरी तरह से बदल गई है। यहां मौजूद दुकानों की संख्या तीन गुना हो गई है। 
विज्ञापन


2007 में यहां कुछ ही दुकानें थीं। सैटेलाइट तस्वीरों में भी इसे देखा जा सकता है। जानकारों का कहना है कि मार्केट धीरे-धीरे फैल रही है। वर्ष 2012 के बाद सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुआ है जो अभी तक जारी है। फ्रंट साइड से दुकानों में ज्यादा बदलाव भले न दिखाई देता हो, लेकिन दुकानों के पीछे से लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। जो दुकानें कभी 20*30 की थी, आज 20*150 व उससे ज्यादा की हो गई हैं। सेक्टर-53 और 54 दोनों तरफ से अतिक्रमण का खेल चल रहा है। ये सब मिलीभगत से चल रहा है। सरकारी जमीन पर लगातार कब्जा हो रहा है लेकिन अधिकारी व कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

6 अप्रैल को धनास में शुरू की थी कार्रवाई, नेताओं के विरोध के आगे झुके

डीसी विनय प्रताप सिंह के आदेश पर 6 अप्रैल को अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने धनास की अवैध मार्बल मार्केट पर कार्रवाई करने की कोशिश की लेकिन भाजपा नेताओं के दबाव के आगे एस्टेट ऑफिस को झुकना पड़ा। बताया गया कि धनास में यह अवैध मार्बल मार्केट कई एकड़ की जमीन पर फैली हुई है। एग्रीकल्चर लैंड पर बिना सीएलयू और कनवर्जन कराए यहां पर मार्बल और फर्नीचर बेचने के लिए बड़े-बड़े शोरूम और दुकानें खोल दी गई हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी भी यहां अवैध निर्माण हो रहे हैं। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed