हरियाणा सरकार के लिए आफत भरे 3 दिन, दो लाख से ज्यादा कर्मचारी होंगे हड़ताल पर
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हरियाणा सरकार के लिए नए साल का दूसरा सप्ताह बड़ी मुसीबत बनकर आया है। सरकार को चार दिन के भीतर दो बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। 8-9 जनवरी को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने जा रही हड़ताल का प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिल सकता है। चूंकि, सर्व कर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ के अलावा कॉमरेड संगठन हड़ताल में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने जा रहे हैं।
प्रदेश के सरकारी विभागों के दो लाख से अधिक कच्चे और पक्के कर्मचारी हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। इससे मंगलवार और बुधवार को विभागों में कामकाज पटरी से उतर सकता है। इसके अलावा रोडवेज कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेंगे। सोमवार रात बारह बजे के बाद रोडवेज का बड़ा धड़ा बसों का संचालन बंद कर देगा। इससे दस राज्यों में रोडवेज बसों पर असर पड़ेगा।
रोजाना 35 सौ से अधिक बसें सड़कों पर सेवाएं देती हैं, हड़ताल के दौरान कितनी बसें सड़कों पर उतरती हैं, ये मंगलवार को ही साफ हो पाएगा। कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार भी मुस्तैद है और हड़ताली कर्मचारियों का सामूहिक अवकाश रद्द कर दिया गया है। रोडवेज कर्मचारियों पर परिवहन विभाग जहां एस्मा के तहत कार्रवाई करेगा, वहीं अन्य कर्मचारियों का भी सरकारी विभाग हड़ताल की अवधि का वेतन काटेंगे।
सरकार के लिए ये दो दिन चुनौती भरे रहने वाले हैं। इसके बाद 11 जनवरी को छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम पर सीबीआई की पंचकूला अदालत का फैसला आना है। सरकार ने हालांकि, वीडियो कांफ्रेंसिंग से फैसला सुनाने की अर्जी कोर्ट में दायर की है। इस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। कोर्ट के फैसले पर सरकार की रणनीति निर्भर करेगी। वैसे सरकार ने पंचकूला में भारी संख्या में सीबीआई कोर्ट के आस-पास, रोहतक सुनारिया जेल और सिरसा डेरा सच्चा सौदा के इर्द-गिर्द भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
हड़ताल का होगा व्यापक असर : लांबा
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा व सीटू के महासचिव जय भगवान ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के कारण विभागों में कामकाज ठप रहेगा। हड़ताल में रोडवेज सहित सभी विभागों, बोर्डों, निगमों विश्वविद्यालयों, पंचायती राज संस्थाओं, निगमों, पालिकाओं, परिषदों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं में कार्यरत नियमित व अनियमित कर्मचारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
उद्योगों में भी कामकाज नहीं होगा। सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, यूटीयूसी, कर्मचारी संगठन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, संयुक्त कर्मचारी मंच, बैंक व बीमा क्षेत्र की यूनियनों से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
ये हैं मांगें
18000 न्यूनतम वेतन, स्थायी रोजगार, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ठेके व आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मियों को स्थाई करना, पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन देना, सफाई कर्मचारियों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना इत्यादि।