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Chandigarh News: बैंक कर्मियों और साइबर अपराधियों का गठजोड़, कई बैंकों के कर्मी ठगी के लिए फर्जी खाते खुलवा रहे
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हरियाणा पुलिस को मिला इनपुट, लापरवाही से साइबर ठगी में राशि गई तो नपेंगे बैंक अधिकारी
11 बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक में डीजीपी शत्रुजीत कपूर की चेतावनी
ठगी गई राशि फ्रीज करने की रणनीति तैयार, आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ रही साइबर ठगी को लेकर हरियाणा पुलिस को बड़ा इनपुट मिला है। पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ बैंकों के कर्मचारी साइबर अपराधियों के साथ मिले हुए हैं और उनके साथ मिलकर म्यूल अर्थात फर्जी बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं, जिनमें साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता है। कुछ बैंक ठगी गई राशि को फ्रीज करने में देरी कर रहे हैं। इन दोनों ही मामलों को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बैंक अधिकारियों को चेताया है कि अगर किसी की भी मिलीभगत और लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार के इनपुट मिलने के बाद बुधवार को डीजीपी कपूर यहां 11 बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। कपूर ने कहा कि उन्होंने बैंक से आए प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने बैकिंग कार्यप्रणाली की समीक्षा करें और म्यूल अकाउंट की पहचान करते हुए ऐसे बैंक खातों को तुरंत बंद करें। कपूर ने कहा कि बैंक आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार ई-केवाईसी को ठीक प्रकार से करें ताकि फर्जी बैंक खाते ना खोले जा सकें। उन्होंने कहा कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों की पालना अनिवार्य है, इसलिए बैंक अधिकारी अपने बैंकों में इनकी पालना सुनिश्चित करें। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2023 में जहां हरियाणा पुलिस 8.62 प्रतिशत पैसा होल्ड करते हुए देश में 23वें स्थान पर थी। वहीं, अब 27 प्रतिशत राशि होल्ड करते हुए पहले स्थान पर पहुंच गई है।
बैठक में एसपी साइबर अमित दहिया ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपराधियों की ओर से साइबर अपराध के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से वर्तमान में साइबर फ्रॉड की गई लगभग 31 प्रतिशत राशि को फ्रिज किया जा रहा है, जोकि सराहनीय है।
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बैंक अधिकारियों ने किया वर्कस्टेशन का दौरा
बैठक के बाद बैंक अधिकारियों को हरियाणा 112 में स्थापित साइबर हेल्पलाइन 1930 के वर्क स्टेशन का दौरा कराया गया। बैंक अधिकारियों ने साइबर फ्रॉड रोकने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की, जिससे प्रभावित होकर कोटक महिंद्रा बैंक ने तुरंत ही अपने नोडल अधिकारी की नियुक्ति हरियाणा पुलिस के कंट्रोल रूम में कर दी।
70 हजार मोबाइल नंबर किए ब्लॉक, 11 बैंक कर्मियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
साइबर एडीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक ऑपरेशन साइबर आक्रमण के तहत प्रतिबिंब मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हुए साइबर अपराधियों की लोकेशन ट्रैक की गई और 84 साइबर अपराधियों को पकड़ा। इनमें सबसे अधिक साइबर अपराधी नूंह जिले से पकड़े गए। इसके साथ ही साइबर अपराध में संलिप्त 70 हजार मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करवाया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खातों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाने वाले 11 बैंक कर्मचारियों को भी पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।
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11 बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक में डीजीपी शत्रुजीत कपूर की चेतावनी
ठगी गई राशि फ्रीज करने की रणनीति तैयार, आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए
चंडीगढ़। हरियाणा में बढ़ रही साइबर ठगी को लेकर हरियाणा पुलिस को बड़ा इनपुट मिला है। पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ बैंकों के कर्मचारी साइबर अपराधियों के साथ मिले हुए हैं और उनके साथ मिलकर म्यूल अर्थात फर्जी बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं, जिनमें साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता है। कुछ बैंक ठगी गई राशि को फ्रीज करने में देरी कर रहे हैं। इन दोनों ही मामलों को लेकर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बैंक अधिकारियों को चेताया है कि अगर किसी की भी मिलीभगत और लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार के इनपुट मिलने के बाद बुधवार को डीजीपी कपूर यहां 11 बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। कपूर ने कहा कि उन्होंने बैंक से आए प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने बैकिंग कार्यप्रणाली की समीक्षा करें और म्यूल अकाउंट की पहचान करते हुए ऐसे बैंक खातों को तुरंत बंद करें। कपूर ने कहा कि बैंक आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार ई-केवाईसी को ठीक प्रकार से करें ताकि फर्जी बैंक खाते ना खोले जा सकें। उन्होंने कहा कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों की पालना अनिवार्य है, इसलिए बैंक अधिकारी अपने बैंकों में इनकी पालना सुनिश्चित करें। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2023 में जहां हरियाणा पुलिस 8.62 प्रतिशत पैसा होल्ड करते हुए देश में 23वें स्थान पर थी। वहीं, अब 27 प्रतिशत राशि होल्ड करते हुए पहले स्थान पर पहुंच गई है।
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बैठक में एसपी साइबर अमित दहिया ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपराधियों की ओर से साइबर अपराध के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से वर्तमान में साइबर फ्रॉड की गई लगभग 31 प्रतिशत राशि को फ्रिज किया जा रहा है, जोकि सराहनीय है।
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बैंक अधिकारियों ने किया वर्कस्टेशन का दौरा
बैठक के बाद बैंक अधिकारियों को हरियाणा 112 में स्थापित साइबर हेल्पलाइन 1930 के वर्क स्टेशन का दौरा कराया गया। बैंक अधिकारियों ने साइबर फ्रॉड रोकने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की, जिससे प्रभावित होकर कोटक महिंद्रा बैंक ने तुरंत ही अपने नोडल अधिकारी की नियुक्ति हरियाणा पुलिस के कंट्रोल रूम में कर दी।
70 हजार मोबाइल नंबर किए ब्लॉक, 11 बैंक कर्मियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
साइबर एडीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि एक अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक ऑपरेशन साइबर आक्रमण के तहत प्रतिबिंब मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हुए साइबर अपराधियों की लोकेशन ट्रैक की गई और 84 साइबर अपराधियों को पकड़ा। इनमें सबसे अधिक साइबर अपराधी नूंह जिले से पकड़े गए। इसके साथ ही साइबर अपराध में संलिप्त 70 हजार मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करवाया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खातों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाने वाले 11 बैंक कर्मचारियों को भी पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।