फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Employee demoted after retirement, government fined Rs 2 lakh

Haryana: सेवानिवृत्ति के बाद क्लर्क को डिमोट कर बनाया चौकीदार, हाईकोर्ट ने मनमानी बता सरकार पर लगाया जुर्माना

Sat, 06 Jul 2024 04:08 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 06 Jul 2024 04:08 AM IST
सार

याची का पति हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड में चौकीदार था। 1989 में उसे लोअर डिवीजन क्लर्क बनाया गया और कंप्यूटर टेस्ट पास करने को कहा गया। याची के पति बिना टेस्ट पास किए ही 2012 में रिटायर हो गए। 2013 में कॉर्पोरेशन ने उसे डिमोट कर चौकीदार मानते हुए रिटायरमेंट व अन्य लाभ तय कर दिए।

विज्ञापन
Employee demoted after retirement, government fined Rs 2 lakh
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त व्यक्ति को टेस्ट पास न कर पाने पर डिमोट कर चौकीदार बनाने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की निंदा करते हुए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 
विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए पानीपत निवासी माया देवी ने बताया कि उसका पति हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड में चौकीदार था। 1989 में उसे पदोन्नत कर लोअर डिवीजन क्लर्क बना दिया गया था। इसके बाद याची कॉर्पोरेशन ने उन्हें कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट पास करने को कहा जो अनिवार्य था। याची के पति ने इससे छूट मांगी लेकिन न तो उसे छूट मिली और न ही उसने टेस्ट पास किया। 
विज्ञापन


इसी बीच 2012 में वह सेवानिवृत्त हो गया। 2013 में कॉर्पोरेशन ने उसे पत्र जारी कर कहा कि उसे टेस्ट पास करना होगा वरना उसकी पेंशन व अन्य लाभ चौकीदार के पद के अनुसार तय कर दिए जाएंगे। याची का पति टेस्ट पास न कर सका और उसे डिमोट कर चौकीदार मानते हुए रिटायरमेंट व अन्य लाभ तय कर दिए गए। याची के पति की मौत 2018 में हो गई और उसके बाद डिमोट पद के अनुसार ही याची को फैमिली पेंशन मिलने लगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई पूरी तरह से मनमानी, चौंकाने वाली और निंदनीय है। यह स्थापित कानून है कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद, मालिक और नौकर का रिश्ता खत्म हो जाता है। जब याचिकाकर्ता का पति सेवा में था, तब यह शर्त लगा कर उसे डिमोट किया जा सकता था लेकिन वह एलडीसी के रूप में सेवानिवृत्त हो गया। कानून का कोई प्रावधान नहीं है कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी कर्मचारी को डिमोट किया जा सके या किसी टेस्ट को पास करने के लिए कहा जा सके। 


ऐसे में हाईकोर्ट ने याची के पति को क्लर्क के रूप में ही सेवानिवृत्त मान कर सभी रिटायरमेंट लाभ 6 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है। साथ ही हरियाणा सरकार के मनमाने रवैया पर कड़ा रुख अपनाते हुए 2 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed