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Chandigarh News: धान की रोपाई के लिए आठ घंटे मिलेगी बिजली
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फोटो सहित...
-मंत्री हरभजन ईटीओ बोले, हमारी तैयारी पूरी, 5 थर्मल प्लांट की 14 यूनिट चालू
-17 हजार मेगावाट तक जाएगी बिजली की मांग, 30 दिन का कोयला स्टॉक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में 1 जून से शुरू होने वाले धान के सीजन के लिए किसानों को 8 घंटे बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए पूरे राज्य को तीन जोन में बांटा गया है। इस बार बिजली की मांग पिछले सभी रिकार्ड तोड़ने जा रही है और 17 हजार मेगावाट तक बिजली का लोड पहुंचने का अनुमान है।
पिछली बार 16058 मेगावाट तक बिजली की अधिकतम मांग पहुंची थी। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि इसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। वह सोमवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। पांच थर्मल के 14 यूनिट काम कर रहे हैं। गुरु रामदास थर्मल प्लांट का सिर्फ एक यूनिट बंद हैं, जिसकी रिपेयर चल रही है। ईटीओ के अनुसार दो तीन दिन वह इस यूनिट को भी चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी। 30 दिन का कोयला स्टॉक उनके पास है। उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल वह 10 हजार मेगावाट की बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। केंद्रीय पूल में से बाकी दूसरे राज्यों को दे रहे हैं। जून माह से इसमें बढ़ोतरी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की बुआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एक किलो चावल पैदा करने के लिए 3800 लीटर पानी लगता है, जबकि डीएसआर विधि के माध्यम से 400-500 लीटर प्रति किलो चावल पानी की बचत की जा सकती है।
जोन वाइज होगी रोपाई
1 जून से अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगते क्षेत्रों और नहर सिंचाई वाले क्षेत्रों में रोपाई की अनुमति होगी, जिसमें फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का शामिल हैं। 5 जून से गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में रोपाई शुरू की जा सकती है। बाकी जिले जैसे- लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में 9 जून से रोपाई शुरू हो जाएगी। डीएसआर के तहत क्षेत्रों के लिए 8 घंटे रोजाना बिजली आपूर्ति 15 मई से शुरू हो चुकी है।
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-मंत्री हरभजन ईटीओ बोले, हमारी तैयारी पूरी, 5 थर्मल प्लांट की 14 यूनिट चालू
-17 हजार मेगावाट तक जाएगी बिजली की मांग, 30 दिन का कोयला स्टॉक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में 1 जून से शुरू होने वाले धान के सीजन के लिए किसानों को 8 घंटे बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए पूरे राज्य को तीन जोन में बांटा गया है। इस बार बिजली की मांग पिछले सभी रिकार्ड तोड़ने जा रही है और 17 हजार मेगावाट तक बिजली का लोड पहुंचने का अनुमान है।
पिछली बार 16058 मेगावाट तक बिजली की अधिकतम मांग पहुंची थी। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि इसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। वह सोमवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। पांच थर्मल के 14 यूनिट काम कर रहे हैं। गुरु रामदास थर्मल प्लांट का सिर्फ एक यूनिट बंद हैं, जिसकी रिपेयर चल रही है। ईटीओ के अनुसार दो तीन दिन वह इस यूनिट को भी चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी। 30 दिन का कोयला स्टॉक उनके पास है। उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल वह 10 हजार मेगावाट की बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। केंद्रीय पूल में से बाकी दूसरे राज्यों को दे रहे हैं। जून माह से इसमें बढ़ोतरी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की बुआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एक किलो चावल पैदा करने के लिए 3800 लीटर पानी लगता है, जबकि डीएसआर विधि के माध्यम से 400-500 लीटर प्रति किलो चावल पानी की बचत की जा सकती है।
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जोन वाइज होगी रोपाई
1 जून से अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगते क्षेत्रों और नहर सिंचाई वाले क्षेत्रों में रोपाई की अनुमति होगी, जिसमें फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का शामिल हैं। 5 जून से गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में रोपाई शुरू की जा सकती है। बाकी जिले जैसे- लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में 9 जून से रोपाई शुरू हो जाएगी। डीएसआर के तहत क्षेत्रों के लिए 8 घंटे रोजाना बिजली आपूर्ति 15 मई से शुरू हो चुकी है।
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