लोगों पर 5 हजार करोड़ के बिल पेंडिंग, कैसे मिले बिजली?

डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 10 May 2014 11:59 AM IST
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Electricity Stealing in Haryana

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हरियाणा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 5 मार्च, 2005 को पद संभालने के 40 दिन के भीतर बिजली के 1600 करोड़ रुपये के बिल माफ करने की घोषणा की थी।
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इसमें से करीब 1000 करोड़ रुपये के बिल माफ भी हुए लेकिन इसका असर यह हुआ कि लोगों ने बिल भरने ही बंद कर दिए और अब नौ साल बाद सूबे के उपभोक्ताओं की तरफ 4850 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया हैं।
चुनाव के मौसम में बिजली निगमों बिल वसूली के लिए सख्ती करने से बचते रहे हैं। बिल न भरने वालों में मुख्यमंत्री के गृह जिले रोहतक का चौथा नंबर है। जींद जिला सूबे में बिल न भरने वालों में पहले नंबर पर है।
ओमप्रकाश चौटाला के राज में जींद में ही बिजली को लेकर कंडेला कांड हुआ था, जिसमें गोलीबारी में नौ किसानों की मौत हो गई थी। तब कांग्रेस विपक्ष में थी। कांग्रेस ने इसे इतना बड़ा मुद्दा बनाया कि 2005 के चुनाव में चौटाला सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया।

मृतक किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी भी दी गई। बिजली बिल माफ करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रैलियों में आज तक पीठ थोपते हुए कहते हैं कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी तब किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ 1600 करोड़ रुपये के बिल बकाया थे। ‘मगर 1600 करोड़ रुपये के बिल थारे (आपका) इस भाई (सीएम) ने एक कलम से माफ कर दिए थे।’

आज स्थिति बदल गई है। बिजली निगमों की आर्थिक हालत पतली है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का उपभोक्ताओं की तरफ 1543.45 करोड़ रुपये बकाया है जबकि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का उपभोक्ताओं की तरफ 3319.17 करोड़ रुपये बकाया है।

जींद पहले, गुड़गांव छठे और कुरुक्षेत्र सबसे नीचे नंबर पर
जींद सर्किल में उपभोक्ताओं की तरफ 893.38 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं। भिवानी सर्किल में 665.14, हिसार में 569.64, रोहतक  में 438.20, फरीदाबाद में 412.21, गुड़गांव में 345.58, रेवाड़ी में 246.34, कैथल में 276.19 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुरुक्षेत्र सर्किल में 36.55 करोड़ रुपये, सिरसा में 38.86, यमुनानगर में 51.91, अंबाला में 52.34, करनाल में 81.95, झज्जर में 85.48, नारनौल में 147.99, सोनीपत में 166.23 और पानीपत में 167.28 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं पर बकाया हैं।

कोट

उपभोक्ताओं की तरफ 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि के बिल बकाया हैं। पहला बिल जमा न करने वाले उपभोक्ता को दूसरा बिल लाल रंग का भेजेंगे जो कनेक्शन काटने का एक प्रकार से नोटिस भी होगा।
देवेंद्र सिंह, प्रधान सचिव, बिजली विभाग, हरियाणा
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