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गजब तकनीक: अब सेंसर बचाएगा बिजली

Fri, 02 May 2014 01:18 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, करनाल
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, करनाल Updated Fri, 02 May 2014 01:18 PM IST
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Electricity Saving through Censor System

बिजली बचत की नई तकनीक अब बाजार में आ गई है। इसके इस्तेमाल से बिजली की बर्बादी रोकी जा सकती है और भारी भरकम बिलों से बचा जा सकता है। देखने में आया है कि घरों व खासकर सरकारी दफ्तरों में दिन-रात बिजली जलती रहती है।

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उसके उपयोग पर किसी का ध्यान नहीं रहता। इसका खर्चा तो लोग ही अदा करते हैं, लेकिन ऐसे में बिजली डिमांड पूरी कर पाना बिजली निगम के लिए चुनौती बन जाता है।
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खास सेंसर युक्त लाइटिंग सिस्टम होगा

Electricity Saving through Censor System

इस स्थिति से निपटने के लिए सेक्टर-12 स्थित आयकर विभाग ने नई बनाई बिल्डिंग में मौसन एक्टिवेटिड लाइट सेंसर का उपयोग कर एक उदाहरण पेश किया है।

इस बिल्डिंग में एक खास सेंसर युक्त लाइटिंग सिस्टम लगाया गया है, जो तभी एक्टिवेट होता है जब कोई इंसान उसके संपर्क में पहुंचता है अर्थात कोई भी इंसान बिल्डिंग के बरामदे, कैमरे, शौचालय आदि में जब एंट्री करेगा तो यह सेंसर तुरंत एक्टिवेट होकर लाइट को जला देता है। जैसे ही वह व्यक्ति बाहर आएगा तो लाइट भी बंद हो जाएगी।

सरकारी विभागों में जरूरी हो इस्तेमाल

Electricity Saving through Censor System

सरकारी भवनों में सुबह के समय ही लाइट, पंखे आदि ऑन कर दिए जाते हैं और सारा दिन चलते रहने की वजह से बिजली बर्बादी का कारण बनते हैं।

यदि इन सरकारी भवनों में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाए तो न केवल बिजली बर्बादी रोकी जाएगी, बल्कि बिजली का खर्चा भी कम आएगा। घरों सहित व्यापारिक स्थल पर इसका उपयोग हो सकता है।

क्योंकि अक्सर इन स्थानों पर हर बार आने जाने पर बिजली ऑन ऑफ नहीं की जाती। सेंसर लगा होगा तो तभी तक बिजली काम करेगी जब तक इंसान वहां पर है। उसके बाहर जाने पर बिजली ऑफ हो जाएगी।

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बिजली निगम नहीं बढ़ा आगे

Electricity Saving through Censor System

फिलहाल बिजली निगम अपने पुराने ढर्रे पर ही व्यस्त है। बिजली चोरी रोकने के लिए तारों के बजाय केबल डालने पर ही जोर दिया जा रहा है।

बिजली निगम के एसई टीके महाजन बताते हैं कि सेंसर युक्त लाइटें लगाने की तरफ अभी बिजली निगम का कोई प्लान नहीं है।

यदि लोग इसका उपयोग करते हैं तो अच्छा है। फिलहाल यह बड़े-बड़े चुनिंदा भवनों तक ही सीमित हैं।

टेक्नोलॉजी के परिणाम हैं सकारात्मक

Electricity Saving through Censor System

आयकर विभाग में कार्यरत रामकुमार चौहान, राजेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार बताते हैं कि पिछले छह माह पहले सेंसर युक्त टेक्नोलॉजी को बरत रहे हैं। इसके परिणाम सकारात्मक आए हैं। बिजली एक बार ऑन करनी पड़ती है।

उसके बाद जब भी व्यक्ति लाइट के नीचे पहुंचता है तो ऑन हो जाती है और दूर जाने पर ऑफ हो जाती है। टेक्नोलॉजी का उपयोग होने पर बिजली बिल भी पहले से 12 प्रतिशत कम आने लगा है।

इस टेक्नोलॉजी को देखने के लिए शहर के अन्य विभागों के अधिकारी सहित शहर के लोग भी देखने आते हैं, ताकि वे उसका उपयोग कर इसका फायदा उठा सकें।

दरवाजों में भी सेंसर लगाए

Electricity Saving through Censor System

सेंसर टेक्नोलॉजी कई प्रकार से उपयोग हो रही है। अलार्म, मूवमेंट में भी यह टेक्नोलॉजी काम कर रही है। मूवमेंट से शीशे के दरवाजे खुद-ब-खुद खुल जाना, अलार्म का बज उठना, लाइटों का जल जाना जैसी स्थिति दर्शा रही है कि टेक्नोलॉजी के बगैर अधूरे हैं। नूरमहल के संचालक कर्नल मनबीर चौधरी बताते हैं कि इस टेक्नोलॉजी को अपनाया हुआ है, जो बेहतर है।

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