तैयार रहें, महंगी होने वाली है बिजली
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लोगों के लिए बुरी खबर है। बिजली महंगी होने जा रही है। दो बिजली कंपनियों ने रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। हरियाणा की दो प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) ने बिजली की दरों में पंद्रह प्रतिशत इजाफे का प्रस्ताव रखा है। जिसका सीधा असर हरियाणा के साठ लाख बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ना स्वाभाविक है। इन साठ लाख उपभोक्ताओं में से करीब 45 लाख घरेलू बिजली के उपभोक्ता हैं।
वर्तमान में बिजली उपभोक्ताओं को 250 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर 4 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से अदा करने होते हैं। जबकि 501 से 800 यूनिट तक बिजली खर्च पर 5 रुपये 58 पैसे के हिसाब से प्रति यूनिट अदा करने होते हैं। हालांकि, एफएसए के मामले में बिजली निगम पहले ही बढ़ोत्तरी कर चुके हैं।
सरकार पर लॉस कम करने का दबाव
मालूम हो कि केंद्र की तरफ से भी खट्टर सरकार पर दबाव है कि हरियाणा में डिस्ट्रीब्यूशन लास कम किया जाए। इसके अलावा लंबित बिजली बिलों के एरियर को लेकर भी सरकार पर दबाव है। कुल मिलाकर गेंद अब नियामक आयोग के पाले में होगी, क्योंकि वितरण कंपनियों के प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नियामक आयोग का होगा।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो वर्ष से प्रदेश में बिजली के टेरिफ में कोई रिवीजन नहीं किया गया है। जबकि खर्चों में बीस प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हो चुका है। हमें नियामक आयोग के सामने सभी स्थितियां स्पष्ट करनी होंगी।
डिस्ट्रीब्यूशन लॉस का तर्क
बिजली की दरें बढ़ाने के पीछे कंपनियों ने तर्क दिया है कि 2014-15 में डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 28.6 प्रतिशत है। हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के समक्ष पेश एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट पेटिशन में दोनों वितरण कंपनियों ने माना है कि 2015-16 में डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 24.79 प्रतिशत है।