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मनप्रीत बादल के बाद अब भगवंत मान के साथ 'खेल'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 15 Apr 2014 11:42 AM IST
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पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब को 2012 विधानसभा चुनाव में अलॉट हुए ‘पतंग’ चुनाव निशान के साथ बठिंडा के बाद अब संगरूर में भी खेल हो गया है। संगरूर में यह निशान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भगवंत मान के हमनाम निर्दलीय उम्मीदवार भगवंत सिंह को अलॉट किया गया है।
बठिंडा में भी पीपीपी नेता मनप्रीत सिंह बादल के हमनाम मनप्रीत बादल को ‘पतंग’ निशान दिया गया है। खास बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मनप्रीत बादल और भगवंत मान ‘पतंग’ चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ चुके हैं। संगरूर में ‘आप’ समर्थकों ने इसे अकाली-भाजपा गठबंधन की साजिश करार दिया है।
भगवंत मान पिछले विधानसभा चुनाव में पीपीपी केटिकट पर संगरूर से चुनाव लड़े थे। उस समय उन्होंने इसी इलाके में पतंग केचुनाव निशान पर वोट मांगे थे। इस बार भगवंत मान आम आदमी पार्टी केटिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उनका चुनाव निशान झाड़ू है।
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आप समर्थकों का कहना है कि भगवंत मान के हमनाम भगवंत सिंह को पतंग चुनाव निशान अलॉट करने का मकसद सिर्फ मान के वोट काटना है। उनकी दलील है कि बठिंडा में भी अकालियों ने यही किया था। बठिंडा में कांग्रेस और पीपीपी के सांझे उम्मीदवार पीपीपी सुप्रीमो मनप्रीत बादल के हमनाम मनप्रीत को पतंग चुनाव निशान अलॉट कर दिया गया है।
पीपीपी सुप्रीमो ने पहले से आशंका जताई थी कि अकाली दल उन्हीं केगांव केएक आजाद उम्मीदवार को उनके सामने खड़ा कर सकता है। बाद में आजाद उम्मीदवार मनप्रीत बादल को पतंग चुनाव निशान भी अलॉट कर दिया गया। मनप्रीत ने इसकी शिकायत भी की है।
प्रदेश के बारह हलकों में ‘पतंग’ का क्रेज
राज्य के 13 में से बारह हलकों में इस बार पतंग का क्रेज है। सिर्फ फतेहगढ़ साहिब में किसी उम्मीदवार को पतंग निशान अलॉट नहीं हुआ है, बाकी सभी जगह आजाद उम्मीदवार इस निशान पर मैदान में हैं। इनमें अमृतसर से इंदरपाल सिंह, खडूर साहिब से सुखचैन सिंह, गुरदासपुर से अमित अग्रवाल, जालंधर से दर्शन नाहर, आनंदपुर साहिब से फकीरचंद, होशियारपुर से रवि दत्त, लुधियाना से तरसेम सिंह बंगा, संगरूर से भगवंत सिंह, बठिंडा से मनप्रीत बादल, पटियाला से धरमपाल, फरीदकोट से दर्शन सिंह, फिरोजपुर से गुरजंट सिंह शामिल हैं।
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बठिंडा में भी पीपीपी नेता मनप्रीत सिंह बादल के हमनाम मनप्रीत बादल को ‘पतंग’ निशान दिया गया है। खास बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मनप्रीत बादल और भगवंत मान ‘पतंग’ चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ चुके हैं। संगरूर में ‘आप’ समर्थकों ने इसे अकाली-भाजपा गठबंधन की साजिश करार दिया है।
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भगवंत मान पिछले विधानसभा चुनाव में पीपीपी केटिकट पर संगरूर से चुनाव लड़े थे। उस समय उन्होंने इसी इलाके में पतंग केचुनाव निशान पर वोट मांगे थे। इस बार भगवंत मान आम आदमी पार्टी केटिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और उनका चुनाव निशान झाड़ू है।
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आप समर्थकों का कहना है कि भगवंत मान के हमनाम भगवंत सिंह को पतंग चुनाव निशान अलॉट करने का मकसद सिर्फ मान के वोट काटना है। उनकी दलील है कि बठिंडा में भी अकालियों ने यही किया था। बठिंडा में कांग्रेस और पीपीपी के सांझे उम्मीदवार पीपीपी सुप्रीमो मनप्रीत बादल के हमनाम मनप्रीत को पतंग चुनाव निशान अलॉट कर दिया गया है।
पीपीपी सुप्रीमो ने पहले से आशंका जताई थी कि अकाली दल उन्हीं केगांव केएक आजाद उम्मीदवार को उनके सामने खड़ा कर सकता है। बाद में आजाद उम्मीदवार मनप्रीत बादल को पतंग चुनाव निशान भी अलॉट कर दिया गया। मनप्रीत ने इसकी शिकायत भी की है।
प्रदेश के बारह हलकों में ‘पतंग’ का क्रेज
राज्य के 13 में से बारह हलकों में इस बार पतंग का क्रेज है। सिर्फ फतेहगढ़ साहिब में किसी उम्मीदवार को पतंग निशान अलॉट नहीं हुआ है, बाकी सभी जगह आजाद उम्मीदवार इस निशान पर मैदान में हैं। इनमें अमृतसर से इंदरपाल सिंह, खडूर साहिब से सुखचैन सिंह, गुरदासपुर से अमित अग्रवाल, जालंधर से दर्शन नाहर, आनंदपुर साहिब से फकीरचंद, होशियारपुर से रवि दत्त, लुधियाना से तरसेम सिंह बंगा, संगरूर से भगवंत सिंह, बठिंडा से मनप्रीत बादल, पटियाला से धरमपाल, फरीदकोट से दर्शन सिंह, फिरोजपुर से गुरजंट सिंह शामिल हैं।