सैलजा नहीं लड़ेंगी चुनाव, हुड्डा के हाथ आई कमान, लेकिन सामने अभी भी ये बड़ी चुनौती
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हरियाणा कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की लंबी चली भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मांग के बाद उनके मन की भले ही हो गई है, लेकिन हरियाणा में सत्ता के निकट पहुंचने के लिए हुड्डा को ताकत झोंकनी होगी, क्योंकि कांग्रेस अब भी गुटबाजी के दंश से उबर नहीं पाई है। कांग्रेस में चेहरे भले ही बदल गए लेकिन, गुटबाजी ज्यों की त्यों है।
यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सैलजा और हुड्डा की ताजपोशी के दौरान कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर नदारद रहे। हरियाणा कांग्रेस मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में हुए इस पदभार ग्रहण समारोह में पार्टी कार्यकर्ता कम लेकिन, नेता ज्यादा नजर आए और इनमें से ज्यादातर चेहरे हुड्डा समर्थकों के थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता रणदीप सुरजेवाला तथा हुड्डा के खिलाफ खड़े दिखाई देने वाले पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव को भी आलाकमान के इशारे पर समारोह में आना पड़ा।
इस दौरान हरियाणा कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने माना कि उनके समक्ष चुनाव की चुनौती जरूर है लेकिन वह कार्यकर्ताओं के दम पर उसका सामना करेंगी। उन्होंने कहा कि समय कम और चुनाव नजदीक है ऐसे में अब कार्यकर्ताओं के जरिये जनता तक पहुंचने का काम करेंगी। सैलजा ने कहा कि देर से जिम्मेदारी मिली है, लेकिन पार्टी में टीम वर्क के जरिये उसे निभाने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने भाजपा के 75 पार पर प्रहार करते हुए कहा कि यह भाजपा का चुनावी हथकंडा है और उसी आधार पर वह चुनाव जीतना चाहती हैं, लेकिन प्रदेश की जनता अब भाजपा के कारनामों से तंग आ चुकी है।
सैलजा ने कहा कि वह खुद विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी और कमेटियों के गठन में युवा, महिला व अन्य वर्ग को पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में किसी से गठबंधन की बात नहीं हुई है। लोकसभा और विधानसभा में स्थितियां अलग हैं। मौजूदा समय में समाज के हर वर्ग की दुर्गति हो रही है तथा प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और महंगे ट्रैफिक चालान से त्रस्त है।
तंवर-किरण को आना चाहिए था-गुलाम नबी आजाद:
मीडिया ने सवाल उठाए तो हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने केवल इतना कहा कि उन्हें आना चाहिए था, उनकी कोई व्यस्तता रही होगी। उन्होंने कहा कि तंवर या किरण चौधरी को अगर बदला गया है तो इसका ये मतलब नहीं कि उन्हें किसी दबाव में हटाया गया है।
तंवर ने विपरीत परिस्थितियों में भी धरातल पर काम किया है जबकि किरण चौधरी ने सदन के भीतर व बाहर कांग्रेस की आवाज उठाई है। सैलजा ने भी आजाद के सुर में सुर मिलाया।
सैलजा नहीं लड़ेंगी चुनाव, हुड्डा का अनुभव बनेगा जीत का आधार-आजाद
हरियाणा कांग्रेस मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कार्यकर्ताओं व नेताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सैलजा विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा सत्ता व संगठन के अनुभव के आधार पर पार्टी को सत्ता दिलाएंगे। उन्होंने संकेतों में कहा कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।
कांग्रेस में बनेगी अस्थाई कमेटी
आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव के लिए एक अस्थाई कमेटी बनाएगी। ब्लाक व जिला कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। टिकटों के वितरण का काम भी जल्द होगा। उन्होंने कहा कि वह जिस भी प्रदेश में गए हैं वहां महिलाओं व युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में चुनाव मैदान में उतारा है। हरियाणा भी इसी फार्मूले के आधार पर कांग्रेस आगे बढ़ेगी। कांग्रेस की सरकार के आने पर बिना किसी भेदभाव के एक समान विकास किया जाएगा।