घर-घर में बताएगा आयोग, कैसे करें वोटिंग?
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मतदान के प्रति वोटरों को जागरूक करने की कवायद वैसे तो हर चुनाव में होती है। लेकिन इस विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग मतदाताओं को जागरूक करने की पहल के पीछे बड़ा मकसद छिपा हुआ है। दरअसल निर्वाचन आयोग इस दफा मतदान का नया रिकार्ड बनाना चाहता है। इसके लिए आयोग ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है।
इसके तहत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर वोटरों को जागरूक कर उन्हें मतदान की अहमियत समझाने और सही मतदान कैसे करें, इसका प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। निर्वाचन आयोग अपनी इस योजना को इस सप्ताह के अंत से शुरू करने जा रहा है।
43 साल पहले बना था रिकॉर्ड
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि वोट के प्रति जागरूकता के मामले में हरियाणा के मतदाता पड़ोसी राज्यों से काफी आगे हैं। इसके बावजूद मतदान का सर्वोच्च शिखर छूने के लिए अभी काफी कुछ करना बाकी है।
हरियाणा के जागरूक मतदातओं को अभी 43 साल पहले बनाए अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ना है। इसी रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए इस दफा निर्वाचन आयोग ने पूरी ताकत झोंक दी है है।
उन्होंने ने कहा कि मतदाताओं को घरों से बाहर निकालने के लिए उन्हें वोट की अहमियत बताना जरूरी है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों और उन युवा मतदाताओं को जो इस दफा पहली बार अपने मत का उपयोग करेंगे। इन युवा मतदाताओं में 3.40 लाख बालिकाएं भी शामिल हैं।
इस बार 74 फीसदी मतदान का लक्ष्य
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि आयोग ने इस दफा कम से कम 74 फीसदी मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक राज्य में सर्वाधिक 72.65 फीसदी मतदान का रिकॉर्ड है जो राज्य गठन के समय हुए चुनाव में बना था।
पिछले विधानसभा चुनाव में यहां 72.35 फीसदी वोट पड़े थे। उन्होंने बताया कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस दफा के जागरूकता अभियान में प्रशिक्षण को भी शामिल किया गया है। मतदाता को सही मतदान करना भी सिखाया जाएगा।