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Punjab Election 2022: संयुक्त समाज मोर्चा को चुनाव आयोग ने दी मान्यता, सभी उम्मीदवार निर्दलीय कर चुके नामांकन
Wed, 02 Feb 2022 04:23 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 02 Feb 2022 04:23 PM IST
सार
पंजाब में 22 किसान संगठनों ने संयुक्त समाज मोर्चा नामक राजनीतिक दल बनाया है। अब चुनाव आयोग ने इसे मान्यता दे दी है। हालांकि पार्टी के प्रत्याशी निर्दलयी अपना नामांकन दाखिल चुके हैं।
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किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल (मध्य में)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पंजाब में चुनाव लड़ रहे किसानों के संयुक्त समाज मोर्चा को चुनाव आयोग ने पार्टी के तौर पर मान्यता दे दी है। हालांकि ये मान्यता तब मिली जब संयुक्त समाज मोर्चा के उम्मीदवारों ने नामांकन के आखिरी दिन निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी की तरफ से ट्रैक्टर ट्राली, हल जोतता किसान और अकेली ट्राली चुनाव चिन्ह में से एक चुनाव चिन्ह देने की मांग की गई है।
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अब निर्दलीय लड़ रहे सियासी किसान
किसानों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी ताल ठोक दी है। कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए कृषि आंदोलन को जीतने के बाद राज्य के 22 किसान संगठनों ने संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया है। इसके जरिये किसान पंजाब की राजनीति में प्रवेश कर चुके हैं। प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के बाद चुनाव आयोग ने संयुक्त समाज मोर्चा को मान्यता दे दी है।
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चढूनी के कप प्लेट पर नहीं बनी बात
संयुक्त समाज मोर्चा ट्रैक्टर चुनाव निशान चाहता था। मोर्चा के अधिकांश प्रत्याशी सहयोगी गुरनाम चढूनी की पार्टी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के चुनाव निशान कप प्लेट पर पर्चा दाखिल करने को तैयार थे लेकिन राजेवाल की आपत्ति पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद यह फैसला लिया गया है कि सभी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
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यह हो सकता है नुकसान
नामांकन के अंतिम दिन पर्चा दाखिल करते समय कागजात भरने में यदि कोई गलती हो जाती है तो उसे सुधारने का मौका अब प्रत्याशियों को नहीं मिल पाएगा। इसलिए देरी से लिए गए फैसले का मोर्चा को नुकसान हो सकता है और इसका असर मिलने वाली वोटों पर जरूर पड़ेगा। इससे कई उम्मीदवारों का नामांकन निरस्त भी हो सकता है।