{"_id":"61bcf56fa7c4df73f6063c7e","slug":"efforts-to-reduce-the-distance-from-airport-to-chandigarh-instructions-to-take-up-the-matter-with-punjab-chandigarh-news-pkl436410262","type":"story","status":"publish","title_hn":"एयरपोर्ट से चंडीगढ़ की दूरी कम करने की कोशिश, पंजाब के साथ मामला उठाने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एयरपोर्ट से चंडीगढ़ की दूरी कम करने की कोशिश, पंजाब के साथ मामला उठाने के निर्देश
विज्ञापन
चंडीगढ़। इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ की दूरी को कम करने की कोशिश जारी है। संसद की स्थायी समिति ने गृह मंत्रालय से कहा है कि इस मामले को प्रमुखता के आधार पर पंजाब सरकार के साथ उठाया जाना चाहिए।
समिति ने लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि पहले चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए दूरी कम होती थी, लेकिन अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एंट्री दूसरी तरफ हो गई है, जिसके चलते एयरपोर्ट पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर का रास्ता कवर करना पड़ता है। यही कारण है कि उन्होंने जगतपुरा की तरफ से एयरपोर्ट तक 4.7 किलोमीटर सड़क पर विचार करने की सिफारिश की है, जिससे एयरपोर्ट के लिए 10 किलोमीटर तक सफर कम हो जाएगा।
गृह मंत्रालय इस पर काम करने के लिए जल्द पंजाब के साथ विचार-विमर्श करेगी। इसके अलावा पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए नागरिक उड्डयन और रक्षा मंत्रालय के साथ गृह मंत्रालय को बातचीत करने के लिए कहा गया है। बता दें कि पिछले सप्ताह इस विषय में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने भी एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि वह वैकल्पिक रूट की पहचान करें और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपे, ताकि पंजाब और हरियाणा से भी इस पर चर्चा की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति ने लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि पहले चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए दूरी कम होती थी, लेकिन अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एंट्री दूसरी तरफ हो गई है, जिसके चलते एयरपोर्ट पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर का रास्ता कवर करना पड़ता है। यही कारण है कि उन्होंने जगतपुरा की तरफ से एयरपोर्ट तक 4.7 किलोमीटर सड़क पर विचार करने की सिफारिश की है, जिससे एयरपोर्ट के लिए 10 किलोमीटर तक सफर कम हो जाएगा।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय इस पर काम करने के लिए जल्द पंजाब के साथ विचार-विमर्श करेगी। इसके अलावा पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए नागरिक उड्डयन और रक्षा मंत्रालय के साथ गृह मंत्रालय को बातचीत करने के लिए कहा गया है। बता दें कि पिछले सप्ताह इस विषय में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने भी एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि वह वैकल्पिक रूट की पहचान करें और 10 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपे, ताकि पंजाब और हरियाणा से भी इस पर चर्चा की जाए।
विज्ञापन